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गाँधीनगर भारत के गुजरात प्रान्त की राजधानी है। यह भारत का दूसरा ऐसा शहर है जीसे पूरी तरह आयोजन से बसाया गया हे। इसे 'हरित नगर' (ग्रीन सीटी) कहा जाता है। सचिवालय और मंत्रियों के निवास भी यहाँ पर हैं।

गांधीनगर
—  राजधानी  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य गुजरात
महापौर
सांसद

निर्देशांक: 23°13′N 72°41′E / 23.22°N 72.68°E / 23.22; 72.68

महात्मा गाँधी की याद में इस शहर का नाम 'गांधीनगर' रखा गया है। यहाँ के अधिकांश लोग सरकारी एवं प्राइवेट नौकरी करते हैं। यहाँ के लोग काफी शांत हैं। गांधीनगर अहमदाबाद शहर से 35 किलोमीटर पूर्वोत्तर में साबरमती नदी के दाएँ तट पर स्थित है। साबरमती नदी के पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात की राजधानी गांधीनगर का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नाम पर रखा गया है। 649 वर्ग किलोमीटर में फैले गांधीनगर को चंडीगढ़ के बाद भारत का दूसरा नियोजित शहर माना जाता है। चंडीगढ़ को डिज़ाइन करने वाले फ्रेंच वास्तुशिल्प ली कोरबुसियन ने इस शहर को भी डिज़ाइन किया था।

अनुक्रम

परिवहनसंपादित करें

राजमार्गसंपादित करें

अहमदाबाद से यह मुंबई-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 द्वारा जुड़ा हुआ है। 1966 में गुजरात की भूतपूर्व राजधानी अहमदाबाद से गांधीनगर स्थानांतरित हुई। यह एक नियोजित शहर है, जो 1970 में अहमदाबाद से शासकीय कार्यालय के आने के बाद सक्रिय हुआ। शहर में सड़कों की ग्रिड प्रणाली है तथा यह क्षेत्रों में विभाजित है, जो बुनियादी सुविधाओं से युक्त है।

हवाई मार्गसंपादित करें

अहमदाबाद का सरदार बल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गांधीनगर का क़रीबी हवाई अड्डा है जो ज़िला मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर है।

रेल मार्गसंपादित करें

अहमदाबाद जंक्शन गांधीनगर का क़रीबी रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन देश के अनेक हिस्सों से अनेक रेलगाड़ियों के माध्यम से जुड़ा है।

सड़क मार्गसंपादित करें

अहमदाबाद और गुजरात के प्रमुख शहरों से नियमित बसें गांधीनगर के लिए चलती रहती हैं। साथ ही पड़ोसी राज्यों द्वारा भी गांधीनगर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है।

भूगोलसंपादित करें

गांधीनगर अहमदाबाद शहर से 35 किलोमीटर पूर्वोत्तर में साबरमती नदी के दाएँ तट पर स्थित है। साबरमती नदी के पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात की राजधानी गांधीनगर का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नाम पर रखा गया है। 649 वर्ग किलोमीटर में फैले गांधीनगर को चंडीगढ़ के बाद भारत का दूसरा नियोजित शहर माना जाता है।

इतिहाससंपादित करें

दर्शनीय स्थलसंपादित करें

अक्षरधाम मंदिर:

गांधीनगर का अक्षरधाम मंदिर भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है, और यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। स्वामीनारायण को समर्पित यह मंदिर समकालीन वास्तुकला और शैली का सबसे अच्छा उदाहरण है। हर साल 20 लाख से अधिक लोग इस मंदिर में आते है। मंदिर के प्रमुख आकर्षण स्वामीनारायण की 10 मंजिल लंबी सुनहरी मूर्ति है। इस मंदिर का उद्घाटन 30 अक्टूबर 1992 किया गया था। अक्षरधाम मंदिर 23 एकड़ परिसर के केंद्र में स्थित है, जो राजस्थान से 6,000 मीट्रिक टन गुलाबी बलुआ पत्थर से बनाया गया है। अक्षरधाम मंदिर का मुख्य परिसर 108 फीट ऊंचा है, 131 फीट चौड़ा और 240 फीट लंबा है।[1]

जनसांख्यिकीसंपादित करें

आदर्श स्थलसंपादित करें

अदलज, राधेजा, दभोदा आदि यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। 30 क्षेत्रों में बंटे इस शहर के हर क्षेत्र में ख़रीददारी और सामुदायिक केंद्र, प्राथमिक विद्यालय और स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था है। स्वामीनारायण संप्रदाय द्वारा संचालित अक्षरधाम मंदिर यहाँ का मुख्य आकर्षण है। ज़िले के रूपल गाँव में मनाया जाने वाला पल्ली पर्व बड़ी संख्या में पर्यटकों को लुभाता है।

शिक्षासंपादित करें

जनसंख्यासंपादित करें

2001 की जनगणना के अनुसार गांधीनगर की जनसंख्या 1,95,891 है।

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  1. गांधीनगर| शब्द.इन|