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गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुंठपुर, जिला कोरिया के बैकुंठपुर सोनहत मार्ग पर ५ कि.मी. की दुरी पर स्थित है। इसकी स्थापना सन्‌ २००१ में की गई थी , इसके पूर्व यह राष्ट्रीय उद्यान संजय राष्ट्रीय उद्यान , सिधी मध्य प्रदेश का भाग था। इस राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल १४४०.७०५ वर्ग कि.मी. है। इस राष्ट्रीय उद्यान से हसदेव, गोपद एवं अरपा नदी बहती है। अरपा नदी का उद्गम इस राष्ट्रीय उद्यान के अंदर है। इसके अतिरिक्त नेऊर, बीजागुर, बनास,रेहंठ, नदीयों का जलग्रहण क्षेत्र यह राष्ट्रीय उद्यान है। यह राष्ट्रीय उद्यान उन्नत पहाडों एवं नदियों से घिरा हुआ है। यहां साल, साजा,धावड़ा, कुसुम, तेन्दु, आंवला, आम, हल्दु, जामुन, कर्रा एवं बांस के वृक्षों के अतिरिक्त जडी बुटियां पायी जाती है। इस अभयारण्य में बाघ,तेन्दुआ,गौर, चिंकारा,कोडरी, सांभर, भेडिया, उदबिलाव, चीतल, नीलगाय, जंगली सुअर, भालू, लंगूर, सेही, माउस डिवर,छिंद, भालू, चिरक माल खरगोश, बंदर, सिवेट, हायना, जंगली कुत्ता, सियार, लोमडी, आदि जानवर एवं मुर्गे, मोर, धनेश, महोख, ट्रीपाई, बाज, चील, डीयर, हुदहुद, किंगफिसर, बसंतगौरी, नाइटजार, उल्लू, तोता, बीइटर , बगुला, मैना, आदि पक्षी पाये जाते है। इस राष्ट्रीय उद्यान के अंदर ३५ राजस्व ग्राम हैं जिनमें मुख्यतः चेरवा, पांडो, गोड़, खैरवार, अगरिया, जनजातियॉं निवास करती हैं। इनकी भाषा हिन्दी है।