मुख्य मेनू खोलें

गुलशन नन्दा (मृत्यु १६ नवम्बर १९८५) हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार तथा लेखक थे जिनकी कहानियों को आधार रख १९६० तथा १९७० के दशकों में कई हिन्दी फ़िल्में बनाई गईं और ज़्यादातर यह फ़िल्में बॉक्स ऑफ़िस में सफल भी रहीं। उन्होंने अपने द्वारा लिखी गई कुछ कहानियों की फ़िल्मों में पटकथा भी लिखी। उनके द्वारा लिखी गई कुछ हिट फ़िल्मों के नाम हैं- काजल, पत्थर के सनम, कटी पतंग, खिलौना, शर्मीली इत्यादि हैं। इसके आलावा उनके लिखे कुछ उपन्यासों के नाम चन्दन, वापसी इत्यादि हैं।[1]

गुलशन नंदा के उपन्यासों की सूची-

  1. काली घटा
  2. तीन इक्के
  3. गुनाह के फूल
  4. शर्मीली
  5. माधवी
  6. डरपोक
  7. एक नदी दो पाट
  8. नीलकमल
  9. पत्थर के होंठ
  10. सूखे पेङ सब्ज पत्ते
  11. काँच की चुङियां
  12. मैं अकेली
  13. काली घटा
  14. संपादन- गुरप्रीत सिंह( राजस्थान)

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "The life and death of Hindi pulp fiction". Mint (newspaper). Oct 20, 2008.