गोंदिया शहर गोंदिया ज़िले का प्रशासकीय मुख्यालय है। गोंदिया शहर में मुख्य तौर पर चावल मिल्स है और बिडी उधोग भी काफी प्रमाण में मौजूद है। गोंदिया महाराष्ट्र में है और छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा पर है। महाराष्ट्र में आणे के लिये मध्य भारत और पूरब कि और से गोंदिया प्रवेश द्वार है।[1][2]

गोंदिया
Gondia
गोंदिया की महाराष्ट्र के मानचित्र पर अवस्थिति
गोंदिया
गोंदिया
महाराष्ट्र में स्थिति
निर्देशांक: 21°27′35″N 80°11′42″E / 21.4598°N 80.195°E / 21.4598; 80.195निर्देशांक: 21°27′35″N 80°11′42″E / 21.4598°N 80.195°E / 21.4598; 80.195
ज़िलागोंदिया ज़िला
प्रान्तमहाराष्ट्र
देशFlag of India.svg भारत
जनसंख्या (2001)
 • कुल1,28,523
भाषा
 • प्रचलित भाषाएँमराठी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिनकोड441601
दूरभाष कोड91-7182
वाहन पंजीकरणMH-35

इतिहाससंपादित करें

राज्य के अंतिम छोर पर बसे गोंदिया शहर का अपना इतिहास है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगड कि सीमा पर बसे इस शहर का अपना अंदाज था। गोंदिया परिसर पर पेहले गोंड राजा का राज्य था। तब यहाँ जंगल घना हुआ करता था। गोंड समाज के लोग यहाँ के पुराने रहिवासी है। उनका काम गोन्ध और लाख जमा कर उसे गाव में बेचना था। उसी वजह से गोंदिया नाम पडा। उसी वजह से गोंदिया नाम पडा ऐसा इंग्रज के जमाने के आर.व्ही. रसेल इन्होने ‘गॅझेटियर’ में लिखा है। उस समय आज के जैसे राज्य और सीमाये नहीं थे, पर कूच अंतर पर बदलणे वाली भाषा थी। उसी वजह से गोंदिया से लगे राज्य कि भाषा का असर गोंदिया कि भाषा पर पडा। गोंदिया का संबंध छत्तीसगड व मध्य प्रदेश से बडते गये और आज भी यह संबंध गेहराई के साथ जुडे हुये है। उस वक़्त गोंदिया सी.पी.ॲँड बेरार का भाग हुं करता था।
भोसले के साम्राज्य में कामठा, फुलचूर और किर्नापूर कि जमीनदारी हुं करती थी, प्रसाश्कीय दृष्टीकोन से अंग्रेजो ने गोंदिया को तालुका का दर्जा दिया। उस वक्त आदिवासी लोग लाख, डिंक, सागवान, मोहफुल, आवळा, चिंच आदी गोंदिया में बेचने लाते थे। उस वक्त गोंदिया में लाख के ३२ कारखाने थे। इधर पुराना गोंदिया, मुर्री और फुलचूर में लोग बसने लगे और नये उद्योग का आगाज होता गया, समय के साथ साथ लाख कारखाने बंद होते गये।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "RBS Visitors Guide India: Maharashtra Travel Guide Archived 3 जुलाई 2019 at the वेबैक मशीन.," Ashutosh Goyal, Data and Expo India Pvt. Ltd., 2015, ISBN 9789380844831
  2. "Mystical, Magical Maharashtra Archived 30 जून 2019 at the वेबैक मशीन.," Milind Gunaji, Popular Prakashan, 2010, ISBN 9788179914458