घासीराम महली नागपुरी साहित्य के महान कवि थे। उनका जन्म झारखंड राज्य के राँची जिला में चान्हो प्रखंड के करकट गांव में हुआ था। वे रातू महाराज के दरबारी कवि थे।[1] [2] [3] उनके द्वारा लिखित वंशावली, दुर्गासप्तशती, बरहामासा, विवह परिछन आदि प्रमुख है।[4]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "कविता सबका दिल छू लेती थी: मुकुंद नायक". jknews.in. मूल से 6 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 मार्च 2019.
  2. "चान्हो में महली जनजाति विकास मंच की बैठक". bhaskar.com. मूल से 6 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 मार्च 2019.
  3. "अखिल भारतीय महली संघ की बैठक". livehindustan.com. मूल से 6 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 मार्च 2019.
  4. "Jharkhand Samanya Gyan". books.google.co.in.