चक्रवर्ती प्राचीन भारत का एक संस्कृत शब्द है जो दुनिया जीतने वाले राजाओं के लिए प्रयोग किया जाता है।[1] जैन दर्शन के अनुसार हर काल में ६३ शलाकापुरुष होते है जिसमें १२ चक्रवर्ती होते हैं। ऋषभदेव के पुत्र 'भरत चक्रवर्ती' इस काल के पहले चक्रवर्ती थे। चक्रवर्ती के पास सात रतन होते है:

  1. चक्र
  2. रानी
  3. रथ
  4. रत्न
  5. संपदा
  6. घोड़ा
  7. हाथी
श्रवणबेलगोला के चन्द्रगिरि नामक पहाड़ी पर भरत चक्रवर्ती की प्रतिमा

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Gopal, Madan (1990). K.S. Gautam (संपा॰). India through the ages. Publication Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India. पृ॰ 81.

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