चतुष्फलकीय संख्या अथवा त्रिकोणीय पिरामिड संख्या चित्र संख्या है जो त्रिभुजाकार आधार और तीन अन्य फलकों को जोड़ने पर बनने वाली चतुष्फलकी आकृति पिरामिड को निरूपित करती है। nवीं चतुष्फलकीय संख्या, प्रथम n त्रिकोण संख्याओं के योग के बराबर होती है।

5 भुजा माप वाला पिरामिड 35 गोलों से मिलकर बनता है। इसकी प्रत्येक परत प्रथम पाँच त्रिकोण संख्याओं में से एक को निरूपित करती है।

प्रथम 10 चतुष्फलकीय संख्यायें निम्न हैं:

1, 4, 10, 20, 35, 56, 84, 120, 165, 220, … (sequence A000292 in OEIS)

n-वीं चतुष्फलकीय संख्या का सूत्र n के तीसरे बड़ते क्रमगुणित को 3 के क्रमगुणित से भाजित करके प्राप्त किया जाता है:

 

चतुष्फलकीय संख्या को द्विपद गुणांको के रूप में भी निरुपित किया जा सकता है:

 

अतः चतुष्फलकीय संख्यायें पास्कल त्रिभुज के बायें अथवा दायें से चतुर्थ स्थान पर प्राप्त होती हैं।

ज्यामितीय व्याख्या

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चतुष्फलकीय संख्या का ज्यामितीय निर्माण गोलों को जोड़कर किया जा सकता है। उदाहरण के लिए पाँचवीं चतुष्फलकीय संख्या (T5 = 35) का ज्यामितीय निर्माण 35 बिलियर्ड गेंदों से किया जा सकता है। इसके लिए 15 बिलियर्ड गेंदों को एक त्रिभुजाकार आकृति में रखकर उनपर 10 और गेंदें रखी जा सकती हैं। इनके उपर 6 और गेंद रखकर, उसके उपर 3 तथा सबके उपर एक गेंद रखने पर चतुष्फलकीय संरचना का निर्माण होता है।

जब n–कोटि के चतुष्फलक का निर्माण Tn गोलों से किया एक इकाई के रूप में किया जाता है तो यह देखा जा सकता है कि इसके द्वारा घेरा जाने वाला स्थान इसी तरह से n ≤ 4 से प्राप्त चतुष्फलक के घनत्व से प्राप्त किया जा सकता है।[1]


  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 दिसंबर 2004 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 अप्रैल 2015.