हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्र वंश हिंदू धर्म के क्षत्रिय या योद्धा-शासक वर्ग के चार प्रमुख वंशों में से एक है। संबन्धित पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वंश 'चंद्र' या चंद्रमा से निकला था।[1]

"महाभारत" के अनुसार, इस राजवंश के प्रजननकर्ता इला प्रयाग के शासक थे, जबकि उनके पुत्र शशिबिन्दु बहली देश में शासन करते थे।[2]

महान ऋषि विश्वामित्र, कान्यकुब्ज राजवंश के राजा गाधि के पुत्र थे जो कि चंद्रवंशी राजा पुरूरवा के पुत्र अमावसु के वंशज थे[3]

इला के वंशज,चंद्रवंशी या अइला कहलाए जो कि प्राचीन भारत का एक राजवंश था जिसकी नींव बुध के पुत्र पुरुरवा ने रखी थी।[4]

भगवान श्रीकृष्ण का यदुवंश तथा महाभारत काल के कुरूवंशी योद्धा कौरव और पांडव चंद्रवंशी शाखा के क्षत्रिय थे।

संदर्भसंपादित करें

  1. Paliwal, B. B. (2005). Message of the Purans. Diamond Pocket Books Ltd. पृ॰ 21. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-8-12881-174-6.
  2. Doniger, Wendy (1999). Splitting the difference: gender and myth in ancient Greece and India. University of Chicago Press. पृ॰ 273. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-226-15641-5. अभिगमन तिथि 25 August 2011.
  3. A Classical Dictionary of Hindu Mythology and Religion, Geography, History, and Literature. Trübner & Company. 1879. पृ॰ 364.
  4. Encyclopaedia of the Hindu world, Volume 1 By Gaṅgā Rām Garg