गणित में चर परिवर्तन (change of variables) एक मूलभूत तकनीक है जिसमें मूल चर को किसी अन्य चर के किसी उपयुक्त फलन द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। लक्ष्य यह होता है कि नए चर के आने से समस्या का हल सरल हो जाता है। उदाहरण के लिए, समाकलन करने के लिए प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन विधि का प्रयोग लिया जाता है जो चर परिवर्तन ही है।

एक सरल उदाहरणसंपादित करें

समीकरण

 

का हल निकालने के लिए निम्नलिखित विधि में चर परिवर्तन किया गया है।

उपरोक्त समीकरण में x3 = u रखने पर निम्नलिखित समीकरण प्राप्त होता है-

 

जो सुज्ञात द्विघात समीकरण है और इससे u का मान निकाल जा सकता है।

 

इसके बात मूल चर का मान निकाला जा सकता है। इसके लिए u को x3 के बराबर करने पर:

 

यदि मानते हैं कि x कोई वास्तविक संख्या है तो,

 

द्वितीय उदाहरंसंपादित करें

निम्नलिखित युगपत समीकरणों को देखें-

 
 

जहाँ   और   धनात्मक पूर्णांक हैं तथा  . (स्रोत: 1991 अमेरिकन इन्विटेशनल मैथेमैटिक्स एग्जामिनेशन)

सामान्यतः इसका हल निकालना बहुत कठिन नहीं है किन्तु यह कुछ जटिल अवश्य हो जाता है। किन्तु यदि द्वितीय समीकरण को   जैसा करके समझें और   प्रतिस्थापित कर दें तो ये समीकरण   बन जाते हैं जिनका हल ये है :   या   इस हल को पुनर्स्थापित करने पर  , जिससे आसानी से हल मिल जायेगा। यह हल है-   दूसरे क्रमित-युग्म को पुनर्स्थापित करने पर  , जिसका कोई हल नहीं है। अतः दिये गये युगपत समीकरणों का हल यह है:  .

सन्दर्भसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें