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किसी वस्तु का वह गुण जो उसकी गति की अवस्था में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का विरोध करता है, जड़त्व (Inertia / इनर्शिया) कहलाता है। 'गति की अवस्था में परिवर्तन' का मतलब है - उसकी चाल में परिवर्तन, उसकी गति की दिशा में परिवर्तन, या चाल और दिशा दोनों में परिवर्तन। दूसरे शब्दों में, जड़त्व ही वह गुण है जिसके कारण वस्तु बिना दिशा बदले, एक सरल रेखा में, समान वेग से चलती रहती है। जड़त्व का माप द्रव्यमान होता हैं। अगर किसी वस्तु का द्रव्यमान अधिक है तो उस वस्तु की गति का प्रतिरोध भी अधिक होगा। जड़त्व के प्रकार। जड़त्व तीन प्रकार के होते हैं - : (1) विराम का जड़त्व। (2) गति का जड़त्व। (3) दिशा का जड़त्व।


विराम का जड़त्व क्या है? " किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विरामावस्था में परिवर्तन करने में असमर्थ होती है। वस्तु का वह गुण विराम का जड़त्व कहलाता है। "


गति का जड़त्व क्या है? " किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी गत्यावस्था में परिवर्तन करने में असमर्थ होती है। वस्तु का वह गुण गति का जड़त्व कहलाता है। "


दिशा का जड़त्व क्या है? " किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी दिशा में परिवर्तन करने में असमर्थ होती है। वस्तु का वह गुण दिशा का जड़त्व कहलाता है। "


विराम के जड़त्व के उदाहरण। (1) कंबल को छड़ से पीटने पर धूल के कण झड़ जाते हैं।

(2) पेड़ को हिलाने पर उसपर लगे फल गिरने लगते हैं।

(3) मोटर कार के एकाएक चलने पर उसमे बैठा व्यक्ति पीछे की ओर झुक जाता है।


गति के जड़त्व के उदाहरण। (1) लंबी कूद के खिलाड़ी कुछ दूर पहले दौड़कर छलांग लगाते हैं।

(2) चलते वाहन में एकाएक ब्रेक लगाने पर उसमे बैठा व्यक्ति आगे की ओर झुक जाता है।


दिशा के जड़त्व के उदाहरण। चाकू या छुरे को धार करने वाली घुर्णन रिंग से निकलने वाली चिंगारी की दिशा घूर्णन रिंग के स्पर्शीय दिशा में होता है यह दिशा के जड़त्व के कारण होती है।