जयपुर पांव

कृत्रिम पैर

जयपुर पांव रबर से बना कृत्रिम पैर है जो ऐसे व्यक्तियों के लिये उपयुक्त है जिनका पैर कहीं घुटने के नीचे से क्षतिग्रस्त या कटा हुआ हो। डॉ प्रमोद करण सेठी के मार्गदर्शन में श्री रामचन्दर शर्मा द्वारा सन् १९६९ में इसका विकास किया गया था।

जयपुर पाँव का निर्माण

सन्दर्भसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें