जलंधर

जालंधर उत्तर भारतीय राज्य पंजाब में एक प्राचीन शहर है

निर्देशांक: 31°19′32″N 75°34′45″E / 31.3256°N 75.5792°E / 31.3256; 75.5792 जलंधर भारत के पंजाब (भारत) प्रांत का एक शहर है। जलंधर एक बड़ा औद्योगिक शहर है।इस शहर के मुख्य उत्पाद चमड़ा,खेल और हैंड टूल्स हैं। इस कारण यह सम्पूर्ण विश्व में विख्यात है। यहां उच्च कोटि के चिकित्सालय भी हैं, इस कारण यह चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में भी उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। जलंधर पंजाब का सबसे पुराना शहर है। जलंधर वह जगह है जिसने देश को कई वीर योद्धा दिए है। जलंधर में ऐसे कई मंदिर, गुरूद्वारे, किले और संग्रहालय है जहां घूमा जा सकता है।

जलंधर
ਜਲੰਧਰ
—  शहर  —
जलंधर का बीएमसी चौक
जलंधर का बीएमसी चौक
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य पंजाब
महापौर श्री सुनील ज्योति
सांसद
जनसंख्या
घनत्व
१,९५३,५०८ (२००१ के अनुसार )
• ५७४
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
३४०१ कि.मी²
• २२८ मीटर

पौराणिक सन्दर्भEdit

जलंधर जिले का नाम राक्षस के नाम पर रखा गया है, जिसका उल्लेख पुराण और महाभारत में भी हुआ है। जबकि कुछ का मानना है कि यह जगह राम के पुत्र लव की राजधानी थी। वही कुछ मानते हैं कि जलंधर का अर्थ पानी के अंदर होता है तथा यहां पर सतलुज और बीस नदियों का संगम होता है इसलिए इस जगह का नाम जलंधर रखा गया। जलंधर को त्रिरत्ता के नाम से भी जाना जाता है।

मुख्य आकर्षणEdit

देवी तालाब मंदिरEdit

51 शक्तिपीठों में से एक देवी तालाब का यह मंदिर रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की मरम्मत दुबारा की गई है। और फिर से इस मंदिर का निर्माण किया गया। इस मंदिर की इमारत का निर्माण अमरनाथ मंदिर के मॉडल की तरह करवाया गया है। देवी तलब मंदिर के पास ही एक अन्य मंदिर भी है। यह मंदिर मां काली का है। सोने से बना यह देवी तलब का मंदिर हरिबल्लभ संगीत सम्मेलन के लिए काफी प्रसिद्ध है। यह सम्मेलन प्रत्येक वर्ष दिसम्बर माह में होता है। इसके अलावा इस सम्मेलन का आयोजन पिछले 125 वर्षों से किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए यहां पर धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था है।

शिव मंदिरEdit

यह मंदिर गुरू मंडी, ईमाम नसीर मकबर के समीप स्थित है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण नवाब सुल्तानपुर लोदी ने करवाया था। इस मंदिर की वास्तुकला हिन्दू, मुस्लिम दोनों शैलियों से सम्मिलित है। इस मंदिर के प्रमुख द्वार का निर्माण मस्जिद की शैली में बना हुआ है। ऐसा माना जाता है कि जलंधर के नवाब ने एक नववधु के साथ विवाह कर लिया था जो भगवान शिव की भक्त थी।

शहीद-ए-आजम सरदार भगत संग्रहालयEdit

खटकर कलन संग्रहालय शहीद सरदार भगत सिंह के गांव, खटकर कलन में स्थित है। इस संग्रहालय शुरूआत भगत सिंह की 150वीं पुण्यतिथि में की गई। पहले यह संग्रहालय जलंधर जिले में था, लेकिन अब यह नवाशहर जिले का हिस्सा है। जलंधर की इस मिट्टी ने देश को ऐसे कई वीर योद्धा दिए है जो अपने वतन के लिए शहीद हो गए। उन शहीदों की याद आज भी इस जगह से जुड़ी हुई है।

वंडर लैंडEdit

वंडर लैंड थीम पार्क एक एम्यूजमेंट वाटर पार्क है। यहां आप पानी में कई खेलों और झूलों का आनन्द उठा सकते हैं। यह पार्क तकरीबन 11 एकड़ में फैला हुआ है। यहां सभी उम्र के लोगों को ध्यान में रखकर झूले तैयार किए गए है। यह पार्क जलंधर बस टर्मिनल से 6 किलोमीटर और नाकोदर रोड़ पर स्थित रेलवे स्टेशन से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पानी के झूलों के साथ बंपर कार, फ्लाइंग जेट, हॉरर हॉउस, बोटिंग, प्ले हॉउस, फ्लाइंग डेरगन और स्लॉइड स्पैलेश आदि भी है। आयु का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर सीनियर सिटीजन के लिए टिकट में छूट की उपलब्धता है।

बाबा सोढ़ल मंदिरEdit

सितम्बर माह में आने वाली आनन्द चतुदर्शी के अवसर पर हजारों की संख्या में भक्तगण यहां आते हैं। माना जाता है कि जिनकी संतान नहीं होती है वह इस मंदिर में आकर संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

ईमाम नसीर मकबरा और जामा मस्जिदEdit

ईमाम नसीर का मकबरा करीबन आठ सौ साल पुराना है। इसके नजदीक में ही जामा मस्जिद भी है। कहा जाता है कि यह मस्जिद चार सौ साल पुरानी है। इसके अलावा जामा मस्जिद अपनी वास्तुकला के लिए भी काफी प्रसिद्ध है।

गुरूद्वारा चेवीन पदशाहीEdit

गुरू गोविन्द सिंह जब दौबा क्षेत्र में यात्रा के लिए आए थे, उस दौरान वह जलंधर शहर भी आए थे। गुरूद्वारा चेवीन पदशाही जलंधर शहर के बस्ती शेख में स्थित है। यह गुरूद्वारा उसी स्थान पर स्थित है जहां गुरूजी ने मुस्लिम संत को जिन्हं शेख दरवेश के नाम से जाना जाता है को साक्षात्कार दिया था। साक्षात्कार लेते समय संत ने अपनी आंखे बंद कर ली थी और उन्होंने गुरू को नहीं देखा था।

तुलसी मंदिरEdit

यह मंदिर वृंदा के नाम पर बना हुआ है जो जलंधर की पत्नी थी। यह मंदिर कोट किशन चंद जगह पर स्थित है। जिसे अब तुलसी मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर के एक तरफ टैंक है। ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर जलंधर नहाया करते थे। मंदिर से कुछ ही दूरी पर गुफा मंदिर भी है। इस मंदिर में अन्नपूर्णा देवी की प्रतिमा स्थापित है। इसके अलावा पास ही में ब्रह्म कुंड भी है।

आवागमनEdit

हवाई अड्डा

यूं तो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आदमपुर एयरपो्र्ट (जलंधर शहर से 25 किमी ) है लेकिन यहां से दिल्ली के लिए दिन में बस एक ही फ्लाइट जाती है मुख्य तौर पर सभी फ्लाइटें अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से हैं। चंडीगढ़ से भी दिल्ली के लिए उड़ानें भरी जाती है।

रेल मार्ग

जलंधर के लिए रेलवे सेवा कुछ प्रमुख शहरों से जुड़ी हुई है।यहां पर जलंधर कैंट एवं जलंधर सिटी दो बड़े स्टेशन हैं। अन्य सभी छोटे स्टेशन अथवा हाल्ट हैं। जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर कई सुविधाएं उपलब्ध हैं जैसे रिजर्वेशन वाले यात्रियों के लिए प्रतीक्षा हॉल 24 घंटे चाय पानी के स्टॉल 24 घंटा ऑटो की उपलब्धता टैक्सी की उपलब्धता रिजर्वेशन काउंटर शौचालय इत्यादि इसके अतिरिक्त जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन के आसपास यात्रियों के लिए होटल इत्यादि भी आसानी से उपलब्ध है जो रेलवे स्टेशन से बिल्कुल निकट है अर्थात वहां तक जाने के लिए किसी रिक्शा ऑटो की आवश्यकता नहीं है बस यह ध्यान रखें कि जब भी वहां जाए कोई न कोई पहचान पत्र अवश्य साथ होनी चाहिए इन सबके अतिरिक्त जालंधर एक विकसित शहर होने के कारण यहां पर ओला टैक्सी कैब भी उपलब्ध होती है

सड़क मार्ग

देश के कई प्रमुख शहरों से जलंधर के लिए बसें चलती है। जैसे कि दिल्ली से कश्मीरी गेट आईएसबीटी के बस स्टैंड संख्या पचीस और छबीस से जालंधर के लिए रोडवेज की एसी तथा नॉन एसी बसें पूरा दिन उपलब्ध रहती हैं । दिल्ली से अमृतसर तक का हाईवे बहुत ही अच्छा सड़क मार्ग है। लेकिन सभी लोग जो जालंधर से होकर गुजरते हैं अथवा जालंधर जाते हैं वह यात्रा करते समय ध्यान रखें कि दिल्ली से अमृतसर जाने वाली सभी बसें जालंधर bus stand से नहीं गुजरती बल्कि 10-20% बसें पीएपी चौक अर्थात जालंधर बाईपास से होकर शहर से बाहर की तरफ से ही निकल जाती है और रात में पीएपी चौक पर रूकने की व्यवस्था नही है इसलिए रात में परिवार सहित जालंधर पहुंचनेवाले लोग उन बसों से ही सफर करें जोकि बस स्टैंड होकर जाती हों, क्योंकि जालंधर में स्थित शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह अंतर राज्य बस स्टैंड एक बड़ा बस स्टैंड है जहां पर दिन रात 24 घंटे बसों का आना जाना रहता है और उसी तरह यहां पर चाय पानी का रात भर इंतजाम यात्रियों के लिए उपलब्ध रहता है।

सन्दर्भEdit

बाहरी कड़ियाँEdit