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ज़ीन

किसी जानवर की पीठ पर सवारी करने या बोझ ढोने के लिये पहनाई जाने वाली नियत आकार की वस्तु
घोड़े की पीठ पर कसी हुई ज़ीन

ज़ीन किसी जानवर की पीठ पर सवारी करने या बोझ ढोने के लिये पहनाई जाने वाली चीज़ को कहते हैं। यह अक्सर चमड़े या कपड़े की बनी होती है और जानवर के पेट व छाती पर कसी जाने वाली पट्टीयों से उसकी पीठ पर स्थाई रहती है। यह घोड़े, ऊँट, हाथी, गधे और खच्चर जैसे जानवरों को पहनाई जाती है। अगर इसका प्रयोग सवारी के लिये किया जा रहा हो तो अक्सर नीचे पाँव टिकाने के लिये रकाब भी लगे होते हैं।[1][2] ज़ीन को कभी-कभी काठी भी कहते हैं लेकिन ध्यान दें कि काठी शब्द के अन्य अर्थ भी होते हैं। ऊँट की ज़ीन को कजावा भी कहा जाता है।[3]

अन्य भाषाओं मेंसंपादित करें

'ज़ीन' को अंग्रेज़ी में 'सैडल' (saddle) और अरबी भाषा में 'सिर्ज' (سرج) कहते हैं।

काठीसंपादित करें

हलांकि 'ज़ीन' को 'काठी' भी कहा जाता है, ध्यान दें कि काठी से तात्पर्य किसी भी ढांचे का हो सकता है और इसका सही अंग्रेज़ी बराबरी का शब्द 'फ़्रेम' (frame) है। मसलन तगड़े शरीर को 'मज़बूत काठी' (strong frame) कहा जाता है। ज़ीन घोड़े पर चढ़ाने वाला एक प्रकार का ढांचा है इसलिए इसे 'काठी' भी कहा जाता है।

इन्हें भी देखेसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें