डोकलाम एक पठार है जो दोनों भूटान और चीन अपने क्षेत्र मानते हैं। डोकलाम भूटान के हा घाटी, भारत के पूर्व सिक्किम जिला, और चीन के यदोंग काउंटी के बीच में है।[1] इन्द्रस्त्रा ग्लोबल में प्रकाशित नवीनतम लेख के अनुसार, चल रहे संघर्ष के दौरान, चीन भारत के विरूद्ध अपने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क का उपयोग जानबूझकर विभिन्न आधार-आधारित तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

डोकलाम
भूटान

डोकलाम विवाद 2017संपादित करें

समस्या 18 जून 2017 में शुरू हुइ थी जब लगभग 270 से 300 भारतीय सैनिक बुलडोज़र्स के साथ भारत-चीन सीमा को पर करके चीन के सड़क निर्माण को रोक लिया। भारत का ये कहना था के ये जगह विवादित थी भूटान और चीन के बीच में और यहाँ सड़क नहीं बन सकता। इससे दोनों देशों के बीच एक सैन्य गतिरोध की शुरुआत हुई। 28 अगस्त में, 2017 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कुछ दिनों पहले, दोनों देश भारत और चीन ने सहमत हुए कि वे अपनी सेना वापस ले लेंगे डोकलाम से, हालांकि वापसी का स्तर दोनों देशों के बीच विवादित है।[2]

डोकलाम विवाद 2017 के कुछ हफ्ते बाद, चीन ने 500 सैनिकों के साथ फिर से सड़क निर्माण शुरू कर दिया है।[3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. गुप्ता, सैबल दास (11 जुलाई 2017). "डोकलाम विवाद: इसलिए चीन से मुकाबले में भारत का साथ नहीं छोड़ेगा भूटान". नवभारत टाइम्स. मूल से 31 जुलाई 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 31 जुलाई 2017.
  2. "डोकलाम विवाद: चीन बोला, भारत ने अपने सैनिकों को पीछे हटाया". बीबीसी. 28 अगस्त 2017. मूल से 5 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 25 अक्टूबर 2017.
  3. सोम, विष्णु (6 अक्टूबर 2017). "डोकलाम में चीन ने फिर शुरू किया सड़क का निर्माण, सुरक्षा में तैनात किए 500 सैनिक". एनडीटीवी इंडिया. मूल से 25 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 25 अक्टूबर 2017.