तृतीय विश्व (Third World) की संकल्पना शीत युद्ध के समय में आयी। उन देशों के समूह को 'तृतीय विश्व' कहा गया जो न तो नाटो के साथ थे न ही सोवियत गुट के साथ। संयुक्त राज्य अमेरिका, पश्चिमी यूरोप के देश तथा उनके साथी देशों को 'प्रथम विश्व' कहते थे; सोवियत संघ, चीन, क्यूबा तथा उनके सहयोगियों को 'द्वितीय विश्व' कहते थे।

शीत युद्ध के समय के 'तीन विश्व' -तृतीय विश्व के देश निर्गुट एवं तटस्थ देश थे जिन्हें हरे में दिखाया गया है।