त्रिपुरान्तक

हिंदू भगवान शिव का एक रूप

त्रिपुरान्तक ( = त्रुपुर + अन्तक = त्रिपुर का अन्त करने वाले ) या त्रिपुरारी शिव के एक रूप हैं। त्रिपुरान्तक के रूप में शिव को चतुर्भुज रूप में धनुष और वाण के साथ चित्रित किया जाता है, जो पिनाकापाणि से भिन्न रूप है।

त्रिपुरान्तक
Tripurantakar destroying linear Tripura..jpg
संबंध शिव के एक स्वरूप
अस्त्र धनुष-वाण
सवारी पृथ्वी, रथ के रूप में

त्रिपुरान्तक शिव की उपर वाली बाहों में कुल्हाड़ी और हिरण होते हैं। नीचे वाली भुजाओं में वे क्रमशः धनुष और बाण धारण किये हुए हैं। त्रिपुर नामक राक्षस का अन्त करने के बाद, त्रिपुरन्तक शिव ने अपने माथे पर उसका भस्म लगाया। शिव का यह रूप आज एक प्रमुख प्रतीक बन गया है और आज भी शैवों द्वारा इनकी पूजा की जाती है।