मुख्य मेनू खोलें

दादा धर्माधिकारी

भारतीय दार्शनिक और कार्यकर्ता

शंकर त्रिम्बक धर्माधिकारी (१८ जून , १८९९ - १ दिसम्बर १९८५) भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी, गाँधीवादी चिन्तक और प्रसिद्ध लेखक थे।[1] वे 'दादा धर्माधिकारी' के नाम से अधिक जाने जाते हैं।

दादा धर्माधिकारी
जन्म शंकर त्रिम्बक
बैतूल, मध्य प्रदेश
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय स्वातंत्र्य सेनानी

परिचयसंपादित करें

प्रसिद्ध गाँधीवादी चिन्तक दादा धर्माधिकारी का जन्म १८९९ में मध्य प्रदेश के बैतूल जिला में हुआ था। वे नागपुर में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे कि महात्मा गाँधी जी ने उसी समय असहयोग आन्दोलन आरम्भ कर दिया और दादा धर्माधिकारी ने १९२० में विद्यालय छोड़ दिया। उन्होंने औपचारिक शिक्षा की कोई डिग्री नहीं ली। किन्तु स्वाध्याय में अपने समय के विचारको में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया। वे हिंदी, मराठी, गुजराती, बांग्ला, संस्कृत और अंग्रेजी भाषाओ के अच्छे ज्ञाता थे।[2]

दादा धर्माधिकारी ने तिलक विद्यालय, नागपुर में शिक्षक के रूप में कार्य आरम्भ किया। स्वतन्त्रता संग्राम में भी भाग लेते रहे। १९३५ में वे वधा में आकर रहने लग। वे 'गाँधी सेवा संघ' के सक्रिय कार्यकर्ता थे।[3][4]

कृतियाँसंपादित करें

  • अहिंसक क्रांति की प्रक्रिया (हिंदी)
  • आपल्या गणराज्याची घडण (मराठी)
  • क्रांतिशोधक (हिंदी)
  • गांधीजी की दृष्टी (हिंदी)
  • गांधीजी की दृष्टी अगला कदम (हिंदी, जर्मन)
  • तरुणाई (मराठी)
  • दादा की बोध कथाएं (मराठीत, दादांच्या बोधकथा, बाग १ ते ३)
  • दादांच्या शब्दांत दादा, भाग १, २.
  • नये युग की नारी (हिंदी)
  • नागरिक विश्वविद्यालय - एक परिकल्पना (मराठी)
  • प्रिय मुली (मराठी)
  • मानवनिष्ठ भारतीयता (हिंदी, मराठी)
  • मैत्री (मराठी)
  • युवा और क्रांति (मराठीत, क्रांतिवादी तरुणांनो)
  • लोकतंत्र विकास और भविष्य (मराठीत, लोकशाही विकास आणि भविष्य)
  • समग्र सर्वोदय दर्शन (मराठीत, सर्वोदय दर्शन)
  • स्त्री-पुरुष सहजीवन (हिंदी, मराठी)
  • हिमालय की यात्रा (अनुवाद; मूळ गुजरातीत, लेखक दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर)

दादा धर्माधिकारी पर पुस्तकेंसंपादित करें

  • दादा धर्माधिकारी - जीवन दर्शन (संपादिका तारा धर्माधिकारी)
  • विचारयोगी - दादा धर्माधिकारी (संकलन-संपादन तारा धर्माधिकारी)
  • स्नेहयोगी - दादा धर्माधिकारी (लेखिका तारा धर्माधिकारी)

सन्दर्भसंपादित करें