दासी १९८१ में निर्मित हिन्दी फ़िल्म है। इसे राज खोसला ने निर्देशित किया है तथा के के श्रीवास्तव ने इसके संवाद (पटकथा) लेखन का कार्य किया है।

दासी
निर्देशक राज खोसला
लेखक के के श्रीवास्तव
प्रदर्शन तिथि(याँ)
  • 1981 (1981)
देश भारत
भाषा हिन्दी

पटकथासंपादित करें

माता पिता की मौत के बाद मंगला (मौसमी चटर्जी) अपने मामा (धुमल) के यहाँ रहती है जहाँ उसकी मामी (लीला मिश्रा) और ५ ममेरी भाई-बहन हैं जो सभी गाँव में गरीबी का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इधर आनन्द (संजीव कुमार) एक अंधा गायक है और अपने गाँव के कई बच्चों को संगीत की शिक्षा देता है। मंगला का जहाँ भी रिस्ता तय किया जाता है वहाँ बारात के घर पहुँचने से पहले ही दुल्हे की किसी न किसी कारण से मौत हो जाती है। बाद में एक ज्योतिषि उन्हें सलाह देता है कि मंगला का पति एक ही परिस्थिति में जिवित रह सकता है यदि वह अपंग हो अर्थात लंगड़ा अथवा हाथ कटा हुआ अथवा अंधा। इधर मंगला भगवान से अपने लिए पूजा करके बाहर निकलती है कि सामने अनूप (राकेश रोशन) मिलता है। कुछ ही मुलाकातों में दोनों में प्यार हो जाता है।

पात्रसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें