दिलदार नगर (Dildar Nagar) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के गाज़ीपुर ज़िले में स्थित एक गाँव है। पारम्परिक रूप से यह गाँव कमसार परगना का भाग है।[1][2]

दिलदार नगर
Dildar Nagar
دلدار نگار
दिलदार नगर रेल जंक्शन
दिलदार नगर रेल जंक्शन
दिलदार नगर की उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
दिलदार नगर
दिलदार नगर
उत्तर प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 25°25′44″N 83°40′12″E / 25.429°N 83.670°E / 25.429; 83.670निर्देशांक: 25°25′44″N 83°40′12″E / 25.429°N 83.670°E / 25.429; 83.670
ज़िलागाज़ीपुर ज़िला
प्रान्तउत्तर प्रदेश
देश भारत
स्थापना1688
क्षेत्रफल
 • कुल10.2216 किमी2 (2525.81263 एकड़)
ऊँचाई73 मी (240 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल28,913
भाषाएँ
 • प्रचलितहिन्दी, भोजपुरी, उर्दु
पिनकोड232326
दूरभाष कोड05497
वाहन पंजीकरणUP-61
लिंगानुपात52% / 48%

विवरणसंपादित करें

दिलदार नगर शहर अपनी खास नज़ाकत और तहजीब वाली बहुसांस्कृतिक खूबी, दशहरी आम के बाग़ों तथा चिकन की कढ़ाई के काम के लिये जाना जाता है। दिलदार नगर कमसार का दिल है। दिलदार नगर उस क्ष्रेत्र में स्थित है जिसे ऐतिहासिक रूप के नाम से जाना जाता था। हमेशा से एक बहुसांस्कृति रहा है। दिलदार नगर का बाज़ार सर्वसम्पनता से परिपूर्ण है।आसपास के क्षेत्रों एवम बिहार तक के व्यवसायी नगर के बाजार में अपनी वस्तुएं क्रय और विक्रय के लिए आतें हैं। उतर प्रदेश का सबसे बड़ा पशुमेला यही लगता है।दिलदार नगर का रेलवे स्टेशन मुग़लसराय पटना रेल खंड का महत्वपूर्ण एवम आदर्श स्टेशन है।

दिलदार नगर का इतिहाससंपादित करें

दिलदार नगर गाजीपुर से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। शहर और स्टेशन के मध्य में एक टीला बना हुआ है जिसे अखाड़ा कहा जाता है। कहा जाता है कि यहां पर राजा नल का सिंहासन और पश्चिम दिशा की ओर एक विशाल कुंड है। इस कुंड को रानी सागर के नाम से जाना जाता है। इसका नाम प्रसिद्ध महारानी दम्यन्ती ने नाम पर रखा गया था।राजा नल एवम दमयंती का इतिहास इसी नगर से जुड़ा है,जिसका अवशेष आज भी दिलदारनगर के गर्भ में छिपा हुआ है।दिलदार नगर का प्राचीन नाम अखंड था जो बाद में अखंधा हो गया।यह राजा नल की राजधानी थी।

पर्यटन स्थलसंपादित करें

महादेव का प्राचीन मंदिर, शायर माता का मंदिर, शम्भु राय, पियरीया बाबा, दर्शन सिंह की समाधि, (स्टेशन के पास), रामजानकी मन्दिर(पानी टंकी के पास), हरिदास बाबाकी कुटिया(देवल मोड़), शिवमंदिर, सद्भावना चौक, माई जी का कुटिया(प्राचीन गुरूद्वारा, पोखरा), नवीन गुरू द्वारा, लाली देवी मन्दिर, गिरनार आश्रम (वायरलेस मोड़)मनोरंजन की दृष्टि से नगर में दो सिनेमाघर कुमार टॉकीज और कमसार टॉकीज उपलब्ध है।

प्रसिद्ध दुकानेंसंपादित करें

सुरेंद्र चाय बहुत प्रसिद्ध है और 30 साल पुरानी दुकान है। शहज़ादा शू पॉइंट, ज़ुबैर किड्स कलेक्शन, बबन मिष्ठान, गहमरी मिष्ठान, लालू चाय,विक्रांत इलेक्ट्रॉनिक,जितेंद्र चौरसिया एंड महेंद्र चौरसिया पान दुकान,ज्वाला पान भंडार,कामता प्रसाद चौरसिया किराना दुकान,रघुनाथ प्रसाद,अंजली ड्रेसेज,जितेंद्र की दुकान,नौरंगी इत्यादि।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  2. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 2017-04-23 at the Wayback Machine," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975