दीनदयाल शोध संस्थान नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित एक ग्रामीण विकास संस्था है। इसकी स्थापना सन् १९७२ में की गयी थी। इसका मुख्यालय दिल्ली में है। इसका मुख्य उद्देश्य दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को फलीभूत करना है।

इसके द्वारा सबसे पहले उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के जयप्रभा ग्राम में सन् १९७८ में कार्य आरम्भ किया गया। गोंडा में कार्य की सफलता के बाद इसे अन्य राज्यों बिहार, मध्यप्रदेश (चित्रकूट), महाराष्ट्र आदि में इसका प्रसार किया गया।

संस्थान के दिल्ली मुख्यालय में बहुत सी गतिविधियाँ चलायी जाती हैं। वहाँ एक पुस्तकालय है, संदर्भ प्रभाग है। वे लोग राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर कार्यशालायें आयोजित करते हैं। विद्यार्थियों के लिये स्पर्धाएँ आयोजित की जातीं हैं। भविष्य में सम्यक प्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्द्र खोलने की योजना है।

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