देवेन्द्र झाझड़िया

भारतीय पैरालंपिक एथलीट

देवेन्द्र झाझड़िया (जन्म; १० जून १९८१) एक भारतीय पैरालंपिक खिलाड़ी है। [1] ये पैरालंपिक में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पैरालिंपियन है।[2] 2004 पैरालंपिक एथेंस में उन्होंने पहला स्वर्ण पदक जीता था रियो डी जनेरियो, 2016 ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक खेल में, उन्होंने अपने पहले रिकॉर्ड को बेहतर बनाते हुए, एक ही आयोजन में दूसरा स्वर्ण पदक जीता। देवेन्द्र को फिलहाल पैरा चैंपियंस कार्यक्रम के माध्यम से गो एसपोर्ट फाउंडेशन द्वारा समर्थित किया जा रहा है[3]

देवेन्द्र झाझड़िया

देवेंद्र झाझड़िया 2016 के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक खेल में मिले स्वर्ण पदक के साथ
व्यक्तिगत जानकारी
राष्ट्रीयता भारतीय
जन्म 10 जून 1981 (1981-06-10) (आयु 38)
चुरू ,राजस्थान ,भारत
खेल
देश Flag of India.svg भारत
खेल एथलेटिक्स
प्रतिस्पर्धा एफ-46 जेवेलिन
कोच आर.डी.सिंह
उपलब्धियाँ एवं खिताब
पैरालिम्पिक फाइनल 2004 ग्रीष्म पैरालंपिक्स

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमिसंपादित करें

देवेन्द्र झाझड़िया का जन्म १९८१ में जाट परिवार में हुआ था और वह भारतीय राजस्थान के चुरू जिले से है। आठ वर्ष की उम्र में, एक पेड़ पर चढ़कर उन्होंने एक लाइव इलेक्ट्रिक केबल को छुआ था ,उसके इलाज किया जा रहा था लेकिन डॉक्टर ने उनके बाएं हाथ को काटने को कहा था। एक स्कूल के आयोजन में उनकी प्रतिभा की पहचान कोच आर डी शर्मा ने की थी। गुरु आर डी शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत कोच आर डी सिंह को २००४ पैरालंपिक स्वर्ण पदक के लिए श्रेय दिया और कहा "वह मुझे बहुत सलाह देते हैं और प्रशिक्षण के दौरान मेरी मदद करते हैं"[4][5]|

व्यवसायसंपादित करें

२००२ में देवेंद्र झाझड़िया ने दक्षिण कोरिया में ८ वीं FESPIC खेलों में पहला स्वर्ण पदक जीता था। जबकि २००३ में इन्होंने एथेंस में भारत का प्रतिनिधित्व [6] करने वाले अपने पहले पैरालम्पिक खेलों के लिए अर्हता प्राप्त की। खेल में उन्होंने ६२.१५ मीटर की दूरी के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया था इससे पहले का रिकॉर्ड था ५९.७७ था। इसके अलावा सफलताएं ल्योन, फ्रांस में भारतीय दंड संहिता एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में २०१३ में आया, जब उन्होंने एफ ४६ भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद दक्षिण कोरिया में इंचियॉन में २०१४ एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीता। [7]

व्यक्तिगत जीवनसंपादित करें

भारतीय रेल के एक पूर्व कर्मचारी झाझड़िया वर्तमान में भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ कार्यरत है। उनकी पत्नी मंजू, एक पूर्व राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खिलाड़ी है। उनकी एक बेटी, जिया और एक पुत्र, कवियन है।[8]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. https://khabar.ndtv.com/news/india/sardar-singh-and-devendra-jhajharia-gets-khel-ratna-award-1732986
  2. http://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/devendra-jhajharia-recommended-for-khel-ratna-117080300056_1.html
  3. http://www.gosportsfoundation.in/
  4. http://www.thehindu.com/news/cities/mumbai/sport/Meet-Devendra-Jhajharia-the-javelin-genius/article14228629.ece
  5. https://www.sportskeeda.com/general-sports/indian-javelin-thrower-devendra-jhajharia-wins-silver-world-para-athletics-meet
  6. एनडीटीवी. "हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह और पैरालिंपिक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया को खेल रत्‍न पुरस्‍कार". अभिगमन तिथि 6 अगस्त 2017.
  7. "Latest Khel Ratna Devendra Jhajharia breaks the glass ceiling". अभिगमन तिथि 6 अगस्त 2017. |first1= missing |last1= in Authors list (मदद)
  8. http://news.biharprabha.com/2014/02/ficci-announces-the-winners-of-india-sports-awards-for-2014/