द्रव अवस्था वाले नाइट्रोजन को द्रव नाइट्रोजन (Liquid nitrogen या LN2) कहते हैं। इसका तापमान 77 °K (−196 °C) से से भी कम होता है। औद्योगिक उपयोग के लिये यह द्रवित वायु के प्रभाजी आसवन के द्वारा प्राप्त की जाती है। द्रव नाइट्रोजन को आसानी से ठोस रूप में बदला जा सकता है।

द्रव नाइट्रोजन

वायुमंडलीय दाब पर द्रव नाइट्रोजन 77 °K (−196 °C; −321 °F) पर गैस बन जाती है। इस ताप पर इसका घनत्व 0.807 ग्राम प्रति मिलीलीटर होता है। यह रंगहीन द्रव है। द्रव नाइट्रोजन को एक विशेष रूप से डिजाइन टंकी में रखा जाता है।

उपयोगसंपादित करें

 
द्रव नाइट्रोजन की टंकी
 
एक बड़े भण्डारण टैंक से छोटी टंकी ने द्रव नाइट्रोज भरी जा रही है।

द्रव नाइट्रोजन को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान होता है क्योंकि इसे दाबित करने की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा, जल के हिमांक बिन्दु से बहुत कम ताप होने के कारण यह अनेकानेक कार्यों के लिए अत्यन्त उपयोगी है। इसके प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं-

  • शीतोपचार (क्रायोथिरैपी) में -- जैसे त्वचा से मस्से (warts) निकालने के लिए
  • प्रयोगशालाओं में निम्न ताप पर कोशिकाओं को भण्डारित करने के लिए
  • द्रव नाइट्रोजन अति शुष्क नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है।
  • खाद्य पदार्थों को डुबाकर रखने, ठण्डा बनाए रखने, और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते समय नाइट्रोजन से ठण्डा किया जा सकता है।
  • शल्यचिकित्सा में निकले ऊतकों को बाद में अध्ययन करने के लिए संरक्षित करने हेतु
  • जन्तुओं के अनुवांशिक स्रोतों के शीतसंरक्षण के लिए

सन्दर्भसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

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