द्रौपदी मुर्मू

भारतीय राजनेत्री

द्रौपदी मुर्मू (जन्म : २० जून १९५८) एक भारतीय महिला राजनेत्री हैं। भारत के सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने भारत के अगले राष्ट्रपति के लिये उनको अपना प्रत्याशी घोषित किया हैं।[1] इसके पहले 2015 से 2021 तक वे झारखण्ड की राज्यपाल थीं। उनका जन्म ओड़िशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में एक संथाल परिवार में हुआ था।[2]

द्रौपदी मुर्मू
Governor of Jharkhand Draupadi Murmu in December 2016.jpg
दिसंबर 2016 में द्रौपदी मुर्मू

पद बहाल
18 मई 2015 – 12 जुलाई 2021
मुख्यमंत्री रघुवर दास
हेमंत सोरेन
पूर्वा धिकारी सैयद अहमद
उत्तरा धिकारी रमेश बैस

पद बहाल
2000–2009
पूर्वा धिकारी लक्ष्मण मांझी
उत्तरा धिकारी श्याम चरण हंसदाह
चुनाव-क्षेत्र रायरंगपुर

जन्म 20 जून 1958 (1958-06-20) (आयु 64)
मयूरभंज, उड़ीसा, भारत
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी
जीवन संगी श्याम चरण मुर्मू
बच्चे 3
शैक्षिक सम्बद्धता रमा देवी महिला विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर
पेशा राजनीतिज्ञ

व्यक्तिगत जीवनसंपादित करें

द्रौपदी मुर्मू का जन्म २० जून १९५८ को ओड़िशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में एक संथाल परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंचि नारायण टुडु था। उनके दादा और उनके पिता दोनों ही उनके गाँव के प्रधान रहे।

उन्होंने श्याम चरण मुर्मू से विवाह किया। उनके दो बेटे और एक बेटी हुए। दुर्भाग्यवश दोनों बेटों और उनके पति तीनों की अलग-अलग समय पर अकाल मृत्यु हो गयी। उनकी पुत्री विवाहिता हैं और भुवनेश्वर में रहतीं हैं।

द्रौपदी मुर्मू ने एक अध्यापिका के रूप में अपना व्यावसायिक जीवन आरम्भ किया। उसके बाद धीरे-धीरे राजनीति में आ गयीं।

राजनीतिक जीवनसंपादित करें

द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में राइरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद चुनाव में जीत दर्ज कर अपने राजनीतिक जीवन का आरंभ किया था।

उन्होंने भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। साथ ही वह भाजपा की आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं है।

द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले की रायरंगपुर सीट से 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट पर दो बार जीती और विधायक बनीं। ओडिशा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल और भाजपा गठबंधन की सरकार में द्रौपदी मुर्मू को 2000 और 2004 के बीच वाणिज्य, परिवहन और बाद में मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में मंत्री बनाया गया था

द्रौपदी मुर्मू मई 2015 में झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनाई गई थीं[3]। उन्होंने सैयद अहमद की जगह ली थी। झारखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने द्रौपदी मुर्मू को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई थी।

झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनने का खिताब भी द्रौपदी मुर्मू के नाम रहा।  साथ ही वह किसी भी भारतीय राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी भी हैं।

द्रौपदी मुर्मू ने 24 जून 2022 में अपना नामांकन किया, उनके नामांकन में  पीएम मोदी प्रस्तावक और राजनाथ सिंह अनुमोदक बने[4] |

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "जीतीं तो देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी होंगी द्रौपदी मुर्मू". आज तक (hindi में). 2022-06-21. अभिगमन तिथि 2022-06-22.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  2. "Droupadi Murmu: पति की मौत और फिर 2 बेटों को भी खोया, टीचर बनीं, फिर सिंचाई विभाग में क्लर्क की नौकरी की". आज तक (hindi में). 2022-06-21. अभिगमन तिथि 2022-06-22.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  3. "Presidential Election: द्रौपदी मुर्मू का नामांकन, PM मोदी बने प्रस्तावक, NDA के दिग्गज रहे मौजूद". आज तक (hindi में). 2022-06-24. अभिगमन तिथि 2022-06-24.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  4. "Presidential Election: द्रौपदी मुर्मू का नामांकन, PM मोदी बने प्रस्तावक, NDA के दिग्गज रहे मौजूद". आज तक (hindi में). 2022-06-24. अभिगमन तिथि 2022-06-24.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
सरकारी कार्यालय
पूर्वाधिकारी
सईद अहमद
झारखण्ड की राज्यपाल
१८ मई २०१५ - अब तक
पदस्थ