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पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र लगभग एक चुम्बकीय द्विध्रुव जैसा समझा जा सकता है।

भौतिकी में कई प्रकार के द्विध्रुव (डाइपोल / dipole) आते हैं:

वैद्युत द्विध्रुवसंपादित करें

अनेक अणु जैसे HCl, HBr, H2O, CO2, NH3, CH4 आदि वैद्युत द्विध्रुव होते है।

  • नियत दूरी पर रखे दो समान एवं विपरीत आवेशों के निकाय को विद्युत द्विध्रुव कहते हैं। विद्युत द्विध्रुव पर आवेश तो होते हैं परंतु कुल आवेश का मान 0 होता है।

चुम्बकीय द्विध्रुवसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें