नरहरि परीख

भारत से गुजराती लेखक और आजादी कार्यकर्ता
(नरहरि पारीख से अनुप्रेषित)

नरहरि द्वारकादास परीख (गुजराती: નરહરિ દ્રારકાદાસ પરીખ) भारत के एक लेखक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजसुधारक थे।[1] गांधीजी के कार्यों और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उन्होने अपना सारा जीवन गांधीजी से जुड़े संस्थानों के साथ बिताया।

नरहरि परीख
स्थानीय नामનરહરિ દ્રારકાદાસ પરીખ
जन्मनरहरि द्वारकादास परीख
17 अक्टूबर 1891
अहमदाबाद, गुजरात
मृत्यु15 जुलाई 1957(1957-07-15) (उम्र 65)
स्वराज आश्रम बारदोली
व्यवसायलेखक, कार्यकर्ता एवं समाज सुधारक
भाषागुजराती
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षा
  • कला स्नातक
  • विधि स्नातक
साहित्यिक आन्दोलनभारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन
उल्लेखनीय कार्यs
  • मानव अर्थशास्त्र (1945)
  • महादेवभाईनु पूर्वचरित (1950)
जीवनसाथीमनिबेन
सन्तानवनमाला (पुत्री)
मोहन (पुत्र)

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "નરહરિ પરીખ" [नरहरि परीख] (गुजराती में). गुजराती साहित्य परिषद. मूल से 11 अक्तूबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 16 अप्रैल 2018.