नरान्तक रावण और दम्यमालिनी के चार पुत्रों में से चौथे स्थान का पुत्र था।

उत्पत्तिसंपादित करें

नरान्तक की उत्पत्ति दम्यमालिनी के गर्भ से असुरराज रावण के पुत्र के रूप में हुई थी। नारान्तक बचपन से ही भगवान शंकर का भक्त और एक वीर राक्षस योद्धा था।

मृत्युसंपादित करें

नारान्तक का वध लन्का युद्ध में हनुमान रूपी भगवान शिव के हाथों हुआ था।