पदार्थधर्मसंग्रह, प्रशस्तपाद द्वारा रचित वैशेषिक का प्रसिद्ध ग्रन्थ है। इसे 'प्रशस्तपादभाष्य' भी कहते हैं। यद्यपि इसे वैशेषिकसूत्र का भाष्य कहा जाता है किन्तु यह एक स्वतंत्र ग्रन्थ है।

वस्तुतः यह भौतिकी का विशद ग्रन्थ है जिसमें सामान्य भौतिकी से लेकर क्वाण्टम भौतिकी तक समाहित है।


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