दो आधे भरे हुए ओरबिटलों के पारषीय अतिव्यापन से जो बंध बनता है वह पाई बंध कहलाता है।

यह बंध सिग्मा बलों से दुर्बल बंध हैं। इसीलिए पाई बंध अधिक क्रियाशील है।