पिछोला झील उदयपुर के पश्चिम में पिछोली गांव के निकट इस झील का निर्माण राणा लखा के काल (१४वीं शताब्दी के अंत) में पीछू चिड़िमार बंजारे ने करवाया था। महाराणा उदयसिंह द्वितीय ने इस शहर की खोज के बाद इस झील का विस्तार कराया था। झील में दो द्वीप हैं और दोनों पर महल बने हुए हैं। एक है जग निवास, जो अब लेक पैलेस होटल बन चुका है और दूसरा है जग मंदिर, उदयपुर। दोनों ही महल राजस्थानी शिल्पकला के बेहतरीन उदाहरण हैं,इन्हें नाव द्वारा जाकर इन्हें देखा जा सकता है।

उदयपुर में लेक पिछोला

इस झील पर चार द्वीप है:

  • जग निवास, जहाँ पर लेक पैलेस बना हुआ है।
  • जग मंदिर, जहाँ पर इसी नाम से महल बना हुआ है।
  • मोहन मंदिर, जहाँ से राजा वार्षिक गणगौर उत्सव को देखते थे।
  • अरसी विलास, एक छोटा द्वीप जो पहले गोलाबारूद गोदाम था, एक छोटा महल भी है। यह उदयपुर के महाराणा द्वारा झील से सूर्यास्त का आनंद लेने के लिए बनाया गया था।
  यह झील मिठे पानी की कर्त्रिम झील है !

इस झील का मनोरम दृश्य इतना सुंदर है कि पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है !

राजस्थान की सारी मिठे पानी की झीले कर्त्रिम है!

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