पर्यावरण में प्रदूषण के कारण पूरी पृथ्वी प्रदूषित हो रही है। वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है यही स्थित बनी रही तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं जिनमें पृथ्वी पर प्राणियों और वृक्षों का बने रहना कठिन होगा। इस प्रकार से भविष्य में मानव सभ्यता का जीवन ही खतरे में पड़ रहा है। इसको मद्देनजर रखते हुए सन् 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में विश्व के 172 देशों ने पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

इसके पश्चात सन् 2002 में दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहान्सबर्ग में पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन करके संसार के सभी राष्ट्रों को पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान आकर्षित करने के लिए ज़ोर दिया था। [1]

इस सम्मेलन में एजेंडा 21 को घोषित किया गया /

यानि हमारी 21 वी सदी कैसी होगी इस बारे में कुछ लक्ष्य रखे गए l सतत विकास लक्ष्य की भी इस सम्मेलन में बात की गई ।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". Archived from the original on 2 अप्रैल 2015. Retrieved 31 मार्च 2015. Check date values in: |access-date=, |archive-date= (help)