निम्नलिखित स्वरूप वाले समीकरण को पेल् का समीकरण (Pell's equation) कहते हैं-

n = 2 के लिये पेल का समीकरण तथा इसके ६ पूर्णांक हल

जहाँ n एक धनात्मक वर्ग पूर्णांक है। इस समीकरण में आये x और y के लिये पूर्णांक हल वांचित होता है।

भारत में इस तरह के समीकरणों को वर्ग-प्रकृति कहते थे। ब्रह्मगुप्त ने ऐसे समीकरणों का विस्तृत अध्ययन किया था तथा पेल से १००० वर्ष पहले ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त में इसके हल की चक्रवाल विधि बतायी थी। इनके हल के लिये ब्रह्मगुप्त ने दो प्रमेयिकाओं (लेम्माज) की खोज की थी जिन्हें 'भावना' कहा गया है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें