पोकरण या पोखरण, जैसलमेर से 110 किलोमीटर दूर जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर पोकरण प्रमुख कस्बा हैं। पोकरण में लाल पत्थरों से निर्मित सुन्दर दुर्ग है। इसका निर्माण सन 1550 में राव मालदेव ने कराया था। यह स्थल बाबा रामदेव के गुरूकुल के रूप में विख्यात हैं।

पोखरण
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य राजस्थान
ज़िला जैसलमेर

निर्देशांक: 26°55′N 71°55′E / 26.92°N 71.92°E / 26.92; 71.92 पोखरण के पास आशापूर्णा मंदिर, खींवज माता का मंदिर, कैलाश टेकरी दर्शनीय हैं। [1]पोखरण से तीन किलोमीटर दूर स्थित सातलमेर को पोखरण की [2]प्राचीन राजधानी होने का गौरव प्राप्त हैं। भारत का पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण १८ मई, १९७४ को यहाँ किया गया। पुनः ११ और १३ मई १९९८ को यह स्थान इन्हीं परीक्षणों के लिए चर्चित रहा।

परमाणु परीक्षणसंपादित करें

भारतीय परमाणु आयोग ने यहाँ अपना पहला भूमिगत परिक्षण १८ मई १९७४ को किया था। हालांकि उस समय भारत सरकार ने घोषणा की थी कि भारत का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यो के लिये होगा और यह परीक्षण भारत को उर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये किया गया है। बाद में ११ और १३ मई १९९८ को पाँच और भूमिगत परमाणु परीक्षण किये और भारत ने स्वयं को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया।

सन्दर्भसंपादित करें