किसी वस्तु द्वारा एक ही मार्ग पर सरल रेखा में आगे-पीछे चलना प्रत्यागमनी गति (Reciprocating motion या reciprocation) कहलाता है। यह गति बहुत सारी युक्तियों में पायी जाती है। उदाहरण के लिये, अन्तर्दहन इंजन के पिस्टन की गति प्रत्यागमनी होती है।

इस इंजन में पिस्टन की गति प्रत्यागमनी है। पिस्टन, सरल रेखा में आगे-पीछे चलता है।

घूर्णी गति और प्रत्यागमनी गति को परस्पर बदलने के लिये क्रैंक का उपयोग किया जा सकता है।

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