फड़ चित्रकला भारत की प्रमुख लोककलाओं में से एक है। फड़ - कहानी कहने का एक परंपरागत लोक माध्यम है इसमें कपड़े के कनवास के उपर संपूर्ण कथा पहले से चित्रित होती है राजस्थान में इसके माध्यम से लोकदेवता पाबूजी, रामदेवजी, तेजाजी, देवनारायण जी एवम अन्य की कथाओं को फड़ प्रस्तुत करने वाले भोपाओ द्वारा रात्रि मे कथावाचन /प्रस्तुत किया जाता है । यह निरक्षर लोगो को समझाने का बहुत ही उत्तम माध्यम है।। आजकल कई ngo भी जागरूकता फैलाने के लिए इस लोकमाध्याम का प्रयोग करते है

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें