पाबूजी राजस्थान के लोक-देवता हैं। वे १४वीं शताब्दी में राजस्थान में जन्मे थे। पाबु जी को प्लेग रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है। राजस्थान में ऊँटो के बीमार होने तथा ऊँटो के देवता के रूप में पाबूजी की पूजा होती है।

पाबूजी
कोलू के शासक
Pabuji-temple-kolu.jpg
उत्तरवर्तीधाँधल जी राठौड़
जन्मवि.स. 1313
कोलू
निधनकोलू
घरानाराठौड़ वंशीय राजपूत
पिताधाँधल जी राठौड़
धर्महिन्दू

जीवनसंपादित करें

राजस्थान के लोक देवता पाबूजी राठौड़ का जन्म वि.संवत 1239 ई॰ में जोधपुर के पास कोलू नामक गाँव में हुआ था। पाबूजी के पिता का नाम धाँधल राठौड़ था। धाँधल एक दुर्गपति थे। अमरकोट के राजा सुरजमल सोढ़ा की पुत्री सुप्यारदे से विवाह के समय जीन्दराव खींची से देवल चारणी की गाये छुड़ाते हुए वीर गति को प्राप्त हुए यह राठौड़ों के मूल पुरुष राव सीहा के वंशज थे । इनकी घोड़ी का नाम केसर कालमी घोड़ी एवं बायीं ओर झुकी पाग के लिए प्रसिद्ध हैं। हाल ही में राजस्थान सरकार ने कोलूमण्ड फलौदी में पाबूजी के पैनोरमा की स्थापना की है।

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