राठौड़

भारत का एक राजपूत वंश

राठौड़ अथवा राठौड एक राजपूत एवं गोत्र है जो उत्तर भारत में निवास करते हैं। इन्हें सूर्यवंशी राजपूत माना जाता है।[1] वे पारम्परिक रूप से राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र मारवाड़ में शासन करते थे।[2][3]

राजस्थान के सम्पूर्ण राठौड़ो के मूल पुरुष राव सीहा जी माने जाते है जिन्होंने पाली से राज प्रारम्भ किया उनकी छतरी पाली जिले के बिठू गाव में बनी हुई है ।बीठू अभिलेख से राव सीहा की मृत्यु की तिथि निर्धारित होती है। इनकी मृत्यु 1273 ई में लाख पसव के युद्ध में मुस्लिमों से लड़ते हुए हुई थी राव सीहा का विवाह सोलंकी राजकुमारी पार्वती देवी से हुआ। [4] राठौड़ राजपूतो द्वारा युधो में अद्वतिय शौर्य पराक्रम बताने के कारण उन्हें रणबंका राठौड़ भी कहा जाता है 1947 से पूर्व भारत में अकेले राठौड़ो की दस से ज्यादा रियासते थे और सैकड़ो ताजमी ठिकाने थे जिनमे मुख्य जोधपुर, मारवाड़, किशनगढ़, बीकानेर, ईडर, कुशलगढ़, सैलाना, झाबुआ, सीतामउ, रतलाम, मांडा, अलीराजपुर वही पूर्व रियासतो में मेड़ता ,मारोठ और गोड़वाड़ घाणेराव मुख्या थे। राठोङो की उत्पत्ति के संदर्भ में रामकरण आसोपा का मत हैं कि राठौड़, मौर्य सम्राट अशोक के समय राषिटक नाम से जाने जाते थे।

राठौड़ो के उप गोत्र

मेड़तिया, जोधा, चम्पावत, कुम्पावत, उदावत, जैतावत, सिंधल, बीका, महेचा आदि।

राठौड़ योध्दा

[5]सन्दर्भ

  1. सुशान्त पाल (२०१४). Imbibed In Faith [विश्वास में आत्मसात] (अंग्रेज़ी में). पार्ट्रिज पब्लिशिंग. पृ॰ ६५. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781482812589. मूल से 13 अक्तूबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 अक्तूबर 2014.
  2. एवा उलियन (२०१०). Rajput [राजपूत]. वेस्बो प्रेस. पृ॰ २०१. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781449700614. मूल से 13 अक्तूबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 अक्तूबर 2014.
  3. École pratique des hautes études (France). Section des sciences économiques et sociales, University of Oxford. Institute of Social Anthropology, Research Centre on Social and Economic Development in Asia (१९७५). Contributions to Indian Sociology [भारतीय समाजशास्त्र में योगदान] (अंग्रेज़ी में). माउटन. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0069-9659 |isbn= के मान की जाँच करें: length (मदद). मूल से 13 अक्तूबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 अक्तूबर 2014.सीएस1 रखरखाव: एक से अधिक नाम: authors list (link)
  4. शर्मा, गोपीनाथ (1971). राजस्थान का इतिहास. आगरा: शिवलाल अग्रवाल एंड कम्पनी. पृ॰ 10.
  5. Asopa, Jai narayan (1976). Origin of the rajput. Varanasi: Bhartiya publishing house,varanasi. पृ॰ 187. The rathod tribe claims a high antiqiity • As early as the middle of the third century BC,during the time of Asoka,his inscriptions mention the Rastika •It appears that in his time the modern Rathore tribe was known as Rastikas •