फ़रीदाबाद भारत के उतरी राज्य हरियाणा का प्रमुख शहर है। यह फ़रीदाबाद जिले में आता है। इसे 1607 में शेख फरीद, जहांगीर के खजांची ने बनवाया था। उनका मकसद यहां से गुजरने वाले राजमार्ग की रक्षा करना था।

फरीदाबाद
शहर
Skyline of फरीदाबाद
फरीदाबाद की हरियाणा के मानचित्र पर अवस्थिति
फरीदाबाद
फरीदाबाद
निर्देशांक: 28°25′N 77°19′E / 28.42°N 77.31°E / 28.42; 77.31निर्देशांक: 28°25′N 77°19′E / 28.42°N 77.31°E / 28.42; 77.31
देशभारत
राज्यहरियाणा
ज़िलाफरीदाबाद ज़िला
जनसंख्या (2011)[1]
 • कुल14,14,050
समय मण्डलआइएसटी (यूटीसी+5:30)
वेबसाइटwww.mcfbd.com

15 अगस्त 1979 में यह हरियाणा का 12वां जिला बना। आज फ़रीदाबाद अपने उद्यॉगों के लिए प्रसिद्ध है। इसकी स्थापना 1607 ई. में सूफी संत शेख फरीद ने की थी। उन्होंने यहां किले और मस्जिद का निर्माण भी कराया था।

इतिहाससंपादित करें

फरीदाबाद शहर की स्थापना 1607 में शेख फरीद ने की थी, जिसे बाबा फरीद के नाम से भी जाना जाता है। बाबा फरीद एक प्रसिद्ध सूफी संत थे और मुगल बादशाह जहाँगीर के कोषाध्यक्ष भी थे। शहर की स्थापना ग्रान्ड ट्रंक रोड (सडक ए आज़म) की सुरक्षा के लिए की गई थी। बाद में इसे फरीदाबाद परगना के मुख्यालय के रूप में घोषित किया गया, जो बल्लभगढ़ के शासन के अधीन था। औरंगजेब की मृत्यु के बाद तेवतिया जाट सरदार गोपाल सिंह ने शहर पर हमला किया। उन्होंने फरीदाबाद के मुगल अधिकारी मुर्तिजा खान के साथ एक संधि की और परगना के चौधरी बन गए। मुगलों के शासन के बाद, इसे अंग्रेजों ने अपने कब्जे में ले लिया था। 1950 में, भारत के विभाजन के बाद, पाकिस्तान से आए शरणार्थियों का एक बड़ा समूह यहाँ आ कर बस गया। उनके पुनर्वास के लिए उद्योग स्थापित किए गए थे। बाद में, विभिन्न समुदायों, क्षेत्रों और धर्मों के लोग भी फरीदाबाद में आकर बस गए। प्रारंभ में, यह गुड़गांव जिले का एक हिस्सा था। 15 अगस्त 1979 को, फरीदाबाद को एक अलग जिले के रूप में स्थापित किया गया था।

प्रमु़ख स्थलसंपादित करें

बड़खल झीलसंपादित करें

फरीदाबाद की बड़खल झील बहुत ही खूबसूरत है। यह मानव निर्मित झील है। इसके पास अरावली पर्वत श्रृंखला है। झील में पर्यटक वाटर स्पोर्टस का आनंद ले सकते हैं। यहां से थोड़ी दूरी पर बड़खल गांव है। इस गांव का नाम पर्शियन भाषा से लिया गया है। बड़खल का हिन्दी में अर्थ होता है बिना किसी रूकावट। झील में पानी की आपूर्ति बारिश के पानी और एक छोटी-सी जलधारा से होती है। पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के पास रेस्ट हाऊस भी बने हुए हैं। इन रेस्ट हाऊसों में बिना किसी परेशानी के आराम से ठहरा जा सकता है। और यहाँ पर पाराशर ऋषि की तपो भूमि जहाँ पर उन्होंने ने तपस्या की का परशोन मंदिर है जो ठीक अरावली की वादियों मे सिथत है (सूचना शेयर्ड बाई स्वर्गीय श्री हरभजन एवं माँ विमल ब्राह्मण परमात्मा है, क्योंकि ईस्वर हर इंसान के अंदर रहते है)

बाबा फरीद गुम्बदसंपादित करें

स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा फरीद के नाम पर ही फरीदाबाद का नाम रखा गया है। यहां पर बाबा फरीद की मजार भी बनी हुई है। इसके प्रति स्थानीय लोगों में बड़ी श्रद्धा है। मजार में पूजा करने के लिए प्रतिदिन अनेक श्रद्धालु आते हैं।@$%

सूरज कुण्ड़ पर्यटक परिसर और हस्तशिल्प मेलासंपादित करें

दक्षिणी दिल्ली से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह परिसर बहुत ही खूबसूरत है। स्थानीय निवासियों और दिल्ली वालों के लिए यह जगह बेहतरीन पर्यटन स्थल है। फरवरी में यहां पर एक मेले का आयोजन भी किया जाता है। मेले में पर्यटक भारतीय शिल्प कला की शानदार कलाकृतियां देख और खरीद सकते हैं। इसके पास बड़खल झील और मोर झील है। मेला घूमने के बाद पर्यटक इन झीलों के शानदार दृश्य भी देख सकते हैं।

बल्लबगढ़संपादित करें

बल्लबगढ़ फरीदाबाद का सबसे बड़ा शहर है। यंहा १८५७ के शहीद राजा नाहर सिंह का महल है। बल्लबगढ़ की प्रमुख कालोनिया इस प्रकार हैं - विजय नगर, आदर्श नगर, चावला कालोनी, भुदत कालोनी, भीकम कालोनी, सुभाष कालोनी। बल्लबगढ़ के प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं - आंबेडकर चौक, गुप्ता होटल चौक, पंजाबी धर्मशाला, पंचायत भवन आदि। बल्लबगढ़ से विधानसभा सदस्य मूलचंद शर्मा हैं। मूलचन्द शर्मा हरियाणा सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर है।बल्लबगढ़ दिल्ली मेट्रो से जुड़ा हुआ है।[2]

आवागमनसंपादित करें

वायु मार्ग

फरीदाबाद / बल्लबगढ़ में कोई नहीं है। निकटतम हवाई अड्डा नयी दिल्ली इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। फरीदाबाद सड़क और रेलमार्ग से जुड़ा है।

रेल मार्ग

रेल से फरीदाबाद आने की लिए आप नयी दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन से लोकल EMU सटल पकड़ सकते हैं फरीदाबाद के प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं --- पुराना फरीदाबाद, नया फरीदाबाद, बल्लबगढ़ यंहा बहुत से प्रमुख सुपर फास्ट और शताब्दी ट्रेन बे रूकती हैं यहां का प्रमुख नजदीकी रेलवे स्‍टेशन नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन है। इसके अलावा फरीदाबाद में भी रेलवे स्‍टेशन है।

सड़क मार्ग

दिल्ली से फरीदाबाद / बल्लबगढ़ आने की लिए २४ घंटे बस सेवा उपलब्ध हैं आप दिल्ली के सराय काले खान ISBT बस अड्डे से किसी भी वक़्त बस पकड़ सकते हैं इसके अलावा आश्रम चौक से भी बस ले सकते हैं यह देश के अनेक शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें