फालसा दक्षिणी एशिया में भारत, पाकिस्तान से कम्बोडिया तक के क्षेत्र मूल का फल है। इसकी पैदावार अन्य उषणकटिबन्धीय क्षेत्रों में भी खूब की जाती रही है।[1][2]

फ़ालसा ग्रेविया एशियाटिका
Phalsa03 Asit.jpg
पुष्प एवं पत्ते
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: पादप
अश्रेणीत: एंजियोस्पर्म
अश्रेणीत: एकबीजपत्री
अश्रेणीत: रोज़िड
गण: माल्वेल्स
कुल: माल्वेसी
उपकुल: w:Grewioideae
वंश: ग्रेविया
जाति: जी,एशियाटिका
द्विपद नाम
ग्रेविया एशियाटिका
L.
पर्यायवाची

ग्रेविया सुबिनाएक्वालिस DC.
Grewia hainesiana Hole
Microcos lateriflora L.

फालसा के कच्चे और पके फल

इसकी झाड़ी ८ मी तक की हो सकती है और पत्तियां चौड़ी गोलाकार, 5–18 सें मी लम्बी होती हैं। इसके फ़ूल गुच्छों में होते हैं, जिनमें एक-एक पुष्प २ सेंमी व्यास का होता है और इसमें १२ मि.मी की ५ पंखुड़ियाम होती हैं। इसके फल ५-१२ मि.मी व्यास के गोलाकार फ़ालसई वर्ण के होते हैं जो पकने पर लगभग काले हो जाते हैं। [1][3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Flora of Pakistan: Grewia asiatica Archived 2014-10-06 at the Wayback Machine
  2. Pacific Island Ecosystems at Risk: Grewia asiatica Archived 2014-10-06 at the Wayback Machine
  3. Flora of Western Australia: Grewia asiatica Archived 2007-09-01 at the Wayback Machine