फोर्थ नदी(स्कॉट्स : Abhainn Dubh, जिसका अर्थ है काली नदी) स्कॉटलैंड के केंद्रीय हिस्से के पूर्वी भाग में बहने वाली एक नदी है। इसकी कुल लंबाई 47 किलोमीटर है। यह ट्राॅस्'सैश्कस्(Trossachs) नमक पहाड़ी क्षेत्र के लाॅच आर्ड से उदित होकर पूरब की ओर उत्तरी सागर से एडिनबर्ग नगर के पास फ़र्थ ऑफ फ़ोर्थ मैं मिलती है। इस का उद्गम स्थान ऐतिहासिक नगर स्टर्लिंग से पश्चिम की ओर 30 किलोमीटर पर स्थित है। जहाँ से यह ऐबर्फ़ाॅयल से होते हुए समुद्र की ओर बढ़ती है, रास्ते में जहां यह डचरी वॉटर और केल्टी वाॅटर से फ़्लैन्डर्स माॅस के मैदानों में मिलती हुई, पूर्व की ओर स्टर्लिंग की ओर बढ़ती है।[1] स्टर्लिंग पहुंचने से पहले यह टीथ नदी से भी मिलती है। यहाँ से फिर, धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए, इस नदी की गति बंद होती जाती है और अंततः यह फोर्थ के नदमुख के रूप में उत्तरी सागर में मिल जाती है।

फ़ोर्थ नदी
Forth या Abhainn Dubh
नदी
Kincardine Bridge.jpg
किंकार्डिन ब्रिज के नीचे से गुज़रती फ़ोर्थ नदी
देश स्काॅटलैंड
परिषद स्टर्लिंग
नगर स्टर्लिंग
स्रोत लाॅच आर्ड (लाॅच चाॅन)
 - ऊँचाई 33 मी. (108 फीट)
 - निर्देशांक 56°11′00″N 4°28′00″W / 56.1833333°N 4.4666667°W / 56.1833333; -4.4666667
मुहाना फ़र्थ का नदमुख, उत्तरी सागर
 - ऊँचाई मी. (0 फीट)
लंबाई 47 कि.मी. (29 मील)
फ़ोर्थ नदी का मार्ग
फ़ोर्थ नदी का मार्ग

रास्तासंपादित करें

 
फ़ोर्थ नदी का रास्ता

इसका स्रोत समुद्र-स्तर से 33 मीटर की अवनती पर स्थित एक छोटा सा सरोवर, लाॅच आर्ड है। यहाँ से उदीत होते हुए यह भूसंरचना की ढलान के बराबर चलते हुए पूर्व की ओर बढ़ती है, और फ़र्थ ऑफ़ फ़ोर्थ के रूप में उत्तरी सगर में मिल जाती है। स्रोत से मुख तक इसकी कुल लंबाई 47 किलोमीटर है। इसके रास्ते में पड़ने वाला प्रमुख नगर है स्टर्लिंग जो की एक ऐतिहासिक नगर है। स्टर्लिंग फ़ोर्थ के उद्गम से करीब 30 कीलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गती कम होने की वजह से, यह नदी स्टर्लिंग के पहले से ही घुमावदार हो जाती है, और धीमी गति से आगे बढ़ते हुए किंकार्निज कस्बे के पास फ़र्थ ऑफ़ फ़ोर्थ(फ़ोर्थ का नदमुख) के रूप में समुद्र में खुल जाती है। फर्थ ऑफ फोर्थ, मूल रूप से इस नदी का मुख है, जो की एस्चुआरी के रूप में है।[1]

नौवाहनसंपादित करें

मध्यकाल के दौरान, इस नदी पर समुद्र से स्टर्लिंग तक पोत लेकर जाना संभव था, और संभवतः उसके बाद के भी कुछ लंबे समय तक, यह संभव था। परंतु बाद में, नदी के तल में गाद(नदी की धारा से आई मिट्टी) जमने एवं पोतों का आकार बढ़ने के कारण, यह कठिन होता गया, और अब ज़्यादातर जहाज़ केवल लीथ तक आते हैं

फ़ोर्थ पर स्थित पुलसंपादित करें

स्टर्लिंग से ऊपर, इसकी प्रवाह बहुत पतली है और किसी बड़े सेतु की आवश्यकता नहीं है। नदी के इस भाग में अनेक छोटी सेतु के हैं, जो नदी के आर-पार परिवहन के लिये सक्षम हैं। आगे धारानुकूल, टीथ और ऐलन नदियों से मिलन के पश्चात इसकी चढ़ाई किसी सार्थक पुल की आवश्यकता योग्य हो जाती है। इस हिस्से में, स्टर्लिंग में तेरवीं शताब्दी का एक पुल अभी भी है और 1936 में किंकार्डइन ब्रिज के खुलने से पहले तक, यह स्थान, इस नदी पर स्थित पूर्वतम् सेतु था। अलोआ और थ्रौस्क के बीच में एक स्विंगिंग रेल पुल 1885 से 1970 के बीच अस्तित्व में था, जिसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया था। इसकी धातूइय स्तम्भें अभी भी नदी के बीच खड़ी देखी जा सकती हैं। इसके पश्चात पूर्व से पश्चिम की ओर क्रम में कुल चार फूल है: क्लैकमैननशायर ब्रिज(Clackmananshire Bridge), जिसे 19 नवम्बर 2008 में खोला गया था; किंकार्डिन ब्रिज, जिसे 1936 में खोला गया था; और इसके आगे, नाॅर्थ और साउथ क़वीन्स्फ़ेरी के बीच, विख्यात फ़ोर्थ ब्रिज है, जिसे 1890 में खोला गया था, एवं, इसके समानांतर ही फ़ोर्थ रोड ब्रिज है, जिसे 1964 में खोला गया था। इन चार पुलों के अलावा फ़ोर्थ रोड ब्रिज के पश्चिम में, क़वीन्स्फ़ेरी क्राॅसिंग का निर्माण भी 2011 में शुरू किया गया। 2016 तक इसे खोले जाने की योजना है।[2]


चित्रपट्टिकासंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "River Forth Catchment Profile" (PDF). SEPA. अभिगमन तिथि 8 April 2017.
  2. "New Forth bridge: Queensferry Crossing wins naming contest". बीबीसी न्यूज़. 26 June 2013.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

विकिसोर्स में इस लेख से सम्बंधित, मूल पाठ्य उपलब्ध है: