मुख्य मेनू खोलें

बाङ्ला की कई बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं। ये बोलियाँ सीमावर्ती बोलियों से तो मिलती-जुलती हैं किन्तु कभी-कभी वे मानक बांग्ला से इतनी लग हैं कि उनको मानक बांग्ला समझने वाले उनको नहीं समझ पाते। मानक बांग्ला, कोलकाता और नदिया में बोली जानेवाली ररही बोली से जन्मी है।

सुनीति कुमार चटर्जी और सुकुमार सेन ने बांग्ला भाषा की उपभाषाओं को ५ श्रेणीयों में विभाजित किया है-

  • (१) राढ़ी बोली
  • (२) बंगाली बोली
  • (३) वरेन्द्री बोली
  • (४) झारखंडी बोली
  • (५) राजबंशी बोली