के के बिड़ला फाउंडेशन की स्थापना सन् १९९१ में कृष्णकुमार बिड़ला ने की थी। इसका उद्देश्य साहित्य (विशेष रूप से हिन्दी साहित्य) और कलाओं के विकास को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही यह शिक्षा एवं सामाजिक कार्य के क्षेत्र में भी काम करता है। इस फाउन्डेशन द्वारा कई पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं जिसमें से प्रमुख हैं-

  1. सरस्वती सम्मान (sarswati samman me 15 lakh rs milte h ) - किसी भी भारतीय भाषा में गद्य/पद्य रचना के लिये
  2. व्यास सम्मान (4 लाख रूपये) हिन्दी में गद्य/पद्य रचना के लिये
  3. बिहारी पुरस्कार (१ लाख रूपये) हिन्दी/राजस्थानी में गद्य/पद्य रचना के लिये; केवल [[रजस्थान के लेखक इसके पात्र हैं।
  4. शंकर पुरस्कार (1.5 लाख रूपये) - भारतीय दर्शन, संस्कृति या कला पर हिन्दी में रचना के लिये
  5. वाचस्पति पुरस्कार (1 लाख रूपये) संस्कृत में किसी भी रचना पर
  6. घनश्यामदास बिड़ला पुरस्कार (१। ५ लाख) - वैज्ञानिक अनुसंधान के लिये

2021 का व्यास सम्मान प्रो. शरद पगारे को उनके उपन्यास पाटलिपुत्र के साम्रज्ञ ई के लिए दिया गया सरस्वती सम्मान dr शरणकुमार लिंबाले उनके उपन्यास सनातन के लिए दिया गया

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें