बिपिन चन्द्र

भारतीय इतिहासकार

बिपिन चन्द्र (१९२८ – ३० अगस्त २०१४) आधुनिक भारत के इतिहास के इतिहासकार थे। प्रोफेसर बिपिन चन्द्र भारत के स्वतंत्रता संघर्ष और आधुनिक इतिहास लेखन परंपरा में मार्क्सवादी चिंतन धारा के इतिहासकार थे।[1]

जीवन-परिचयसंपादित करें

बिपिन चन्द्र का जन्म १९२८ को कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में हुआ था।[2]

बिपिन चन्द्र जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में 'सामाजिक विज्ञान संस्थान' के 'ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र' में प्रोफेसर तथा बाद में प्रोफेसर एमेरिटस रहे।[3] उसके बाद उन्होंने नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष का कार्यभार भी सँभाला।[4]

लंबी बीमारी के चलते ३० अगस्त २०१४ को गुड़गाँव में अपने आवास पर ही उनका निधन हो गया।[5]

प्रमुख प्रकाशित पुस्तकेंसंपादित करें

  1. भारत में आर्थिक राष्ट्रवाद का उद्भव और विकास (अनामिका पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्रा॰ लि॰, नयी दिल्ली)
  2. आधुनिक भारत में उपनिवेशवाद और राष्ट्रवाद (अनामिका पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्रा॰ लि॰, नयी दिल्ली)
  3. आधुनिक भारत में सांप्रदायिकता (हिंदी माध्यम कार्यान्वय निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय)
  4. आधुनिक भारत का इतिहास ओरियंट ब्लैकस्वॉन प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद (एनसीईआरटी से प्रकाशित 'आधुनिक भारत ' का अनुक्रमणिकायुक्त नवीन संशोधित संस्करण)
  5. भारत का स्वतंत्रता संघर्ष (मृदुला मुखर्जी, आदित्य मुखर्जी, क॰न॰ पनिकर एवं सुचेता महाजन के साथ लिखित; हिंदी माध्यम कार्यान्वय निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय)
  6. आजादी के बाद का भारत (मृदुला मुखर्जी एवं आदित्य मुखर्जी के साथ लिखित; हिंदी माध्यम कार्यान्वयन निदेशालय, दिल्ली)

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. T.K.Rajalakshmi, Targeting History, in Frontline, Vol. 18, Issue 09, April 28-May 11, 2001
  2. प्रो॰ बिपन चन्द्र
  3. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का आधिकारिक जालघर
  4. Bipan Chandra's speech at Frankfurt
  5. "नहीं रहे इतिहासकार बिपिन चंद्रा". बीबीसी हिन्दी. ३० अगस्त २०१४.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें