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बीजू पटनायक (5 मार्च 1916 - 17 अप्रैल 1997) एक भारतीय राजनीतिज्ञ ,और दो बार ओडिशा के मुख्यमंत्री थे। इनके नाम पर बीजू पटनायक हवाई अड्डा है।

अनुक्रम

पूर्व जीवनसंपादित करें

पटनायक का जन्म गंजाम के भंज नगर में हुआ था।उनके माता पिता का नाम लक्ष्मीनारायण और आशालता पटनायक था। शिक्षा कटक के रावेनशॉ कॉलेज में हुआ था। विमानन उद्योग में रुचि के कारण वह अपने कॉलेज छोड़ दिए और एक पायलट के रूप में प्रशिक्षित हुए। पटनायक निजी एयरलाइनों के साथ उड़ान भरी लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के शुरू में वह रॉयल इंडियन एयर फोर्स में शामिल हो गए।

इंडोनेशियाई स्वतंत्रता संग्राम में भूमिकासंपादित करें

बीजू पटनायक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भागीदारी के दौरान जवाहर लाल नेहरू के साथ मुलाकात की और उनके विश्वस्त मित्रों में से एक बन गए। डच २१ जुलाई १९४७ पर सुकर्णो इंडोनेशियाई स्वतंत्रता को[1] दबाने का प्रयास किया था, तबके राष्ट्रपति जुलाई १९४७ में नेहरू द्वारा आयोजित पहली इंटर-एशिया सम्मेलन में भाग लेने के लिए सजाहरिर, [2] इंडोनेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री को आदेश दिया। डच के इंडोनेशियाई समुद्र और हवाई मार्गों पर पुर्ण नियंत्रित के कारण रूप सजाहरिर भारत जाने में असमर्थ रहे। बीजू पटनायक और उनकी पत्नी जावा के लिए उड़ान भरी और एक डकोटा पर सुल्तान सजाहरिर बाहर लाया और 24 जुलाई 1947 को सिंगापुर के माध्यम से भारत पहुंचे। बहादुरी के इस कृत्य के लिए, पटनायक को इंडोनेशिया की मानद नागरिकता दी गई और भूमि पुत्र [3] से सम्मानित किया गया,उच्चतम इंडोनेशियाई पुरस्कार, शायद ही कभी एक विदेशी को दी गई।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Ajit Singh praises Biju Patnaik". Zee News (Zee Media Corporation Ltd). 5 March 2013. मूल से 28 July 2014 को पुरालेखित.
  2. "Biju Patnaik Biography - Biju Patnaik Profile, Childhood, Life, Timeline". India Guide (iloveindia.com). मूल से 28 July 2014 को पुरालेखित.
  3. http://www.independent.co.uk/news/people/obituary-biju-patnaik-1259246.html 

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें