बोहाग बिहू, भारत के असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्यौहार है। इसे 'रोंगाली बिहू' या हतबिहू भी कहते हैं। यह असमी नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।

असमिया 'बोहाग बिहू' के अवसर पर 'हुसोरी' का एक समूह अपने पारंपरिक परिधान में

भारत में यह वैशाख महीने के विशुवर संक्रांति या स्थानीय रूप से बोहाग (भास्कर पंचांग) के सात दिन बाद मनाया जात है। यह आमतौर पर १३ अप्रैल को पड़ता है और फसल कटाई के समय को दर्शाता है।

बिहू के तीन प्राथमिक प्रकार हैं: रोंगाली बिहू, कोंगाली बिहू और भोगली बिहू। प्रत्येक त्यौहार ऐतिहासिक रूप से धान की फसलों के एक अलग कृषि चक्र को स्वीकार करता है। रोंगाली बिहू के दौरान ७ चरण हैं: 'चट', 'राती', 'गोरु','मनु','कुतुम','मेल', और 'चेरा'।


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