भद्रा

हिन्दू धर्म में भद्रा शिकार की देवी है।

हिन्दू धर्म में भद्रा शिकार की देवी है।

भद्रासंपादित करें

भद्रा सूर्य देवता और छाया की पुत्री और शनिदेव , यमराज , यमुना , अश्विनी कुमारों , रेवन्त , वैवस्वत मनु , सवर्णि‌ मनु और तपती की बहन थी। भगवान वरुण भी भद्रा से बहुत आकृष्ट थे। उन्होने उतथ्य के आश्रम से भद्रा का हरण कर लिया। नारद उसे लेने आये किन्तु वरुण ने भद्रा को वापस नहीं किया। उतथ्य बहुत क्रोधित हुए और पूरा समुन्द्र पी गये। लेकिन तब भी वरुण उसे वापस नहीं किये। उतथ्य की इच्छा से वरुण की झील सूख गया और समुन्द्र बह गया। देश के सूख जाने के बाद वरुण ने उतथ्य के सामने खुद को पेश किया और भद्रा को वापस लाया। कुबेर अपनी पत्नी को वापस पाकर खुश हुआ और दुनिया और वरुण दोनों को उनके कष्टों से मुक्त कर दिया।

अन्य भद्रासंपादित करें

भद्रा श्रीकृष्ण की मुख्य आठ पत्नियों में से एक पत्नी का नाम था।

सन्दर्भसंपादित करें

शिकार कि देवी कहते हे