भाई दयाला जी मूल रूप से ब्राह्मण थे और कश्मीर के रहने वाले थे भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाल दास को गुरु तेग बहादुर की शहादत से ठीक पहले सम्राट औरंगजेब के एक्सप्रेस आदेशों के तहत दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में कोतवाली में मार दिया गया था। इनके पोत्र पण्डित बालू जी ने पण्डित परागा दास के नेतृत्व में लड़ी।