केन्द्र-शासित प्रदेश

केन्द्र शासित प्रदेश


भारत के केन्द्र शासित प्रदेश

केन्द्र शासित प्रदेश या संघ-राज्यक्षेत्र या संघक्षेत्र भारत के संघीय प्रशासनिक ढाँचे की एक उप-राष्ट्रीय प्रशासनिक इकाई है। भारत के राज्यों की अपनी चुनी हुई सरकारें होती हैं, लेकिन केन्द्र शासित प्रदेशों में सीधे-सीधे भारत सरकार का शासन होता है। भारत का राष्ट्रपति हर केन्द्र शासित प्रदेश का एक सरकारी प्रशासक या उप राज्यपाल नामित करता है।[1]

वर्तमान में भारत में 8 केन्द्र शासित प्रदेश हैं।[2] भारत की राजधानी नई दिल्ली जो कि दिल्ली नामक केन्द्र शासित प्रदेश भी था और पुदुचेरी को आंशिक राज्य का दर्जा दे दिया गया है। दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश-1992 के तौर पर पुनः परिभाषित किया गया है। दिल्ली व पुदुचेरी दोनो की अपनी चयनित विधानसभा, मंत्रिमंडल व कार्यपालिका हैं, लेकिन उनकी शक्तियाँ सीमित हैं - उनके कुछ कानून भारत के राष्ट्रपति के "विचार और स्वीकृति" मिलने पर ही लागू हो सकते हैं।

भारत में वर्तमान में निम्नलिखित केन्द्र शासित क्षेत्र हैं :-

  1. दिल्ली - यह भारत का राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश भी है।
  2. अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह
  3. चण्डीगढ़
  4. दादरा और नगर हवेली दमन और दीव
  5. लक्षद्वीप
  6. पुदुचेरी
  7. जम्मू और कश्मीर - 5 अगस्त 2019 को घोषित और 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी।[3]
  8. लद्दाख़ - 5 अगस्त 2019 को घोषित और 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी।[3]

केंद्रशासित प्रदेश क्यूँ बनाए जाते है?संपादित करें

निम्न कारणों से एक केंद्रशासित प्रदेश का निर्माण होता है।

  • अलग संस्कृति – कुछ केंद्रशासित प्रदेशो की संस्कृति उनके आस-पास के क्षेत्रों से अलग होती है। जैसे की दादरा एण्ड नगर हवेली, दमन एण्ड दीव (पुर्तगाली संस्कृति) और पुडुचेरी (फ्रेंच संस्कृति)।
  • प्रशासनिक महत्व – दिल्ली और चंडीगढ़ भारत के दो प्रशासनिक महत्व वाले केंद्रशासित प्रदेश है। दिल्ली देश की राजधानी है और चंडीगढ़ संयुक्त रूप से पंजाब और हरियाणा की राजधानी है। इसीलिए भारत सरकार का इनपर सीधा नियंत्रण होना अनिवार्य है।
  • सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान – लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हमारे देश के पश्चिम और पूर्वी छोर पर हैं। और वे मुख्य भूमि से काफी दूर हैं इसलिए उन्हें सीधे केंद्र सरकार के माध्यम से संचालित करना आसान है। क्योंकि वे भारत के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं।और किसी भी आपात स्थिति में ,भारत सरकार सीधे वहां नियंत्रण रख सकती है।
  • कम जनसंख्या और छोटे आकार के चलते भी केंद्रशासित प्रदेश का निर्माण होता है। क्यूंकि ऐसी स्थिति में विधानसभा बनाना और चलाना कठिन हो जाता है।

इन्हे भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. केन्द्र शासित प्रदेश Archived 15 अगस्त 2009 at the वेबैक मशीन. भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर।
  2. केन्द्र शासित प्रदेश Archived 5 अप्रैल 2008 at the वेबैक मशीन. भारतीय गृह मन्त्रालय
  3. "भारत का राजपत्र संख्या 53, दिनांक 9 अगस्त 2019 को प्रकाशित" (PDF). मूल से 4 नवंबर 2019 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 6 सितंबर 2019.