मायूरी कांगो पूर्व भारतीय अभिनेत्री है। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया जिसमें मुख्यतः हिन्दी फ़िल्में रही है।

करियरसंपादित करें

मयूरी की मुख्य भूमिका वाली पहली फिल्म 1996 की पापा कहते हैं थी। इसमें वो जुगल हंसराज के साथ थी। हालांकि फिल्म न ही आलोचनात्मक और न ही व्यावसायिक सफलता थी लेकिन उसका एक गीत "घर से निकलते ही, कुछ दूर चलते ही, रस्ते में है उसका घर" काफी लोकप्रिय हुआ था।[1] उनकी अगली फिल्म असफल बेताबी थी। इसके बाद वो होगी प्यार की जीत में दिखीं। यह फिल्म सफल रही थी।[2] इसके बाद वो हिन्दी फिल्मों में आखिरी बार 2000 की फिल्म बादल में दिखाई दी। उनकी आखिरी फिल्म तेलुगू भाषा की वामसी थी। उसके बाद उन्होंने कई टेलिविजन धारावाहिकों में काम किया:- 'नरगिस', 'थोड़ा गम थोड़ी खुशी', 'डॉलर बाबू', 'किट्टी पार्टी, वगैरह।[3]

निजी जीवनसंपादित करें

मयूरी ने एक एनआरआई आदित्य ढिल्लों के साथ विवाह किया। उन्होंने न्यूयॉर्क से विपणन में एमबीए किया और इस वक्त गुरुग्राम में एक कपनी में कार्यरत है।[4] उनका एक बेटा भी है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "फ़िल्में नहीं चली तो शादी और नौकरी कर सेटल्ड हो गयी मयूरी कांगो, देखें तस्वीरें". दैनिक जागरण. 13 फरवरी 2018. मूल से 13 अक्तूबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 मई 2018.
  2. "एक्टिंग को अलविदा कह कर 90's की ये एक्ट्रेस कर रहीं गुरुग्राम में जॉब, जानें क्या थी वजह- Amarujala". अमर उजाला. मूल से 29 मई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 मई 2018.
  3. "अजय देवगन की हीरोइन रहीं मयूरी कांगो, अब कर रही हैं यह नौकरी". ज़ी न्यूज़ (अंग्रेज़ी में). 13 फरवरी 2018. मूल से 7 मई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 मई 2018.
  4. "एक हिट के बाद सालों तक गुमनाम रही ये हीरोइन, अब पता चला तो..." अमर उजाला. 13 जून 2017. मूल से 12 अक्तूबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 मई 2018.