मल्लाह उत्तर भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और पाकिस्तान के पारंपरिक नाविक और मछुआरे जनजातियाँ या समुदाय हैं। मल्लाह की एक महत्वपूर्ण संख्या नेपाल और बांग्लादेश में भी पाई जाती है। भारत के बिहार राज्य मे मल्लाह को निषाद भी बोला जाता है।[1]

मल्लाह उत्तर प्रदेश में खड़ी बोली, अवधी और हिंदी बोलते हैं। अधिकांश मल्लाह हिंदू हैं हालांकि मुस्लिम मल्लाह की संख्या कम है।[2]

बिहार मे मल्लाह हिंदू देवता निषाद के वंशज होने का दावा करते हैं। वे मैथिली की अंगिका बोली और हिंदी की भोजपुरी बोली बोलते हैं। मल्लाह समुदाय में तीन उप-जातियां शामिल हैं, ढोर, परबटिकुरिन और सेमेरी।[3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "भारत की जनजातियां" (PDF). मूल से 27 जनवरी 2018 को पुरालेखित (PDF).
  2. People of India Delhi Volume XX edited by T Ghosh & S Nath pages 445 to 448 Manohar Publications
  3. People of India Bihar Volume XVI Part Two edited by S Gopal & Hetukar Jha pages 668 to 670 Seagull Books