महाराजा श्री ईश्वरी नारायण सिंह बहादुर

श्री महाराजा श्री ईश्वरी नारायण सिंह बहादुर (1818 - ) सन १८३५ से १८८९ तक काशी राज्य के नरेश रहे।

महाराजा ईश्वरी प्रसाद नारायण सिंह

महाराजा ईश्वरी प्रसाद नारायण सिंह का जन्म सन् 1818 में हुआ था। काशी नरेश राजा उदित नारायण सिंह के निधन के बाद ईश्वरी प्रसाद नारायण सिंह सन् 1835 ई. में काशी के राजा बने। 1857 के गदर में इनहोने किसी का साथ नहीं दिया और एकांतवास में चले गए। इन्हें 1859 में महाराजा बहादुर की उपाधि प्रदान की गई। जी.सी.एस.आई के तमगे के साथ 13 तोपों की सलामी का सम्मान भी इन्हें अंग्रेजी हुकूमत द्वारा प्रदान किया गया और काशी राज की पूर्व में कुर्क की गई संपत्ति को इन्हें वापस कर दिया गया। इसके साथ ही इन्हें वायसराय की लेजिस्लेटिव कौंसिल का सदस्य भी मनोनित किया गया। सन् 1889 में इन्हें महाराजाधिराज के साथ 15 तोपों की सलामी का सम्मान दिया गया। माहाराजा ईश्वरी प्रसाद नारायण सिंह साहित्य, संगीत और कला के संरक्षक थे। इन्होंने अपने शासन काल में जन कल्याण के कार्यों में रुचि ली।[1]

उत्तराधिकारी

संपादित करें

इन्हें भी देखें

संपादित करें
  1. "BENARES (princely state)". members.iinet.net.au. मूल से 8 जून 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2017-06-16.